कन्नूर। कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से एक व्यापक 'मल्टी-एजेंसी एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज (एएचएमई)' आयोजित की गई। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विमान अपहरण की स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था।
अभ्यास के दौरान विभिन्न एजेंसियों ने तय प्रोटोकॉल के अनुसार, अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए संयुक्त रूप से अभियान का संचालन किया। मॉक एक्सरसाइज में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), स्थानीय पुलिस, राज्य बम निरोधक एवं विस्फोटक निष्क्रियकरण दस्ता (बीडीडीएस), कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (केआईएएल), अग्निशमन एवं बचाव सेवाएं, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), एयरलाइंस, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई), बीपीसीएल, पार्को मेडिकल स्टाफ, जिला प्रशासन, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (बीओआई) सहित कई अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
अभ्यास के दौरान विमान अपहरण की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें यात्रियों की सुरक्षा, विमान को सुरक्षित घेरना, संदिग्धों से निपटने की रणनीति, घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और आपातकालीन निकासी जैसी प्रक्रियाओं का वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास किया गया। विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित कार्रवाई के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी वास्तविक संकट की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।
सीआईएसएफ के अनुसार, इस तरह की संयुक्त मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण करना ही नहीं, बल्कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करना भी है। एयरपोर्ट पर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए समय-समय पर ऐसे अभ्यास आयोजित किए जाते हैं, ताकि सभी संबंधित विभाग आधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप अपनी तैयारियों को मजबूत बनाए रखें।
मॉक एक्सरसाइज के समापन पर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) एमपी पुरुषोत्तमन की अध्यक्षता में संयुक्त समीक्षा (डीब्रीफिंग) बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ कमांडेंट एवं मुख्य विमानन सुरक्षा अधिकारी (सीएएसओ) नितिन कुमार त्यागी, एआईजी/एपीएसजेड चेन्नई शिव कुमार पांडे और विभिन्न सहभागी एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में अभ्यास के दौरान अपनाई गई प्रक्रियाओं, विभिन्न एजेंसियों के प्रदर्शन और समन्वय की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए।




