आगर मालवा। मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और नाराजगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। नेताओं की नजरअंदाजी और आंतरिक कलह के कारण पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। अब ताजा मामला आगर मालवा से सामने आया है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और क्षेत्रीय विधायक भेरूसिंह परिहार 'बापू' ने संगठन द्वारा खुद को पूरी तरह नजरअंदाज किए जाने के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। विधायक बापू ने पार्टी के ही एक अत्यंत वरिष्ठ नेता पर उन्हें दरकिनार करने का सीधा आरोप लगाते हुए पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे जिले की राजनीति में भारी भूचाल आ गया है।


नलखेड़ा की संगठनात्मक बैठक में हुई अनदेखी

दरअसल, यह पूरा विवाद नलखेड़ा में आयोजित कांग्रेस की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक से जुड़ा हुआ है। इस बैठक का नेतृत्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 'राहुल भैया' कर रहे थे। विधायक भेरूसिंह परिहार का सीधा आरोप है कि उनकी खुद की विधानसभा क्षेत्र के भीतर पार्टी का इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया, लेकिन स्थानीय ब्लॉक और नगर कार्यकारिणी की इस महत्वपूर्ण बैठक के संबंध में उन्हें संगठन की ओर से सूचना तक नहीं दी गई। हद तो तब हो गई जब कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए आधिकारिक पोस्टरों और बैनरों से भी क्षेत्रीय विधायक का नाम और फोटो पूरी तरह से गायब कर दिया गया।


बैठक को लेकर खुद की घोर अनदेखी किए जाने पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए विधायक भेरूसिंह परिहार 'बापू' ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें अन्य माध्यमों से इस कार्यक्रम की जानकारी मिली, तो उन्होंने बड़े नेता के नाते खुद आगे बढ़कर अजय सिंह राहुल भैया को फोन लगाया। उन्होंने फोन पर शिष्टाचार के नाते कार्यक्रम में आने वाले नेताओं के भोजन, चाय और पानी की उत्तम व्यवस्था के बारे में पूछा था। लेकिन दूसरी तरफ से जो जवाब उन्हें मिला, वह बेहद हैरान और विचलित करने वाला था। विधायक बापू को दो टूक लहजे में कहा गया कि "विधायक से कोई बात नहीं करनी है।" इस अपमानजनक जवाब से विधायक बेहद आहत हैं।


अजय सिंह राहुल पर तीखा हमला

इस बर्ताव से नाराज विधायक परिहार ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल पर बेहद तीखा और सीधा हमला बोला है। बापू ने तल्ख तेवर अपनाते हुए कहा, "राहुल भैया आगर से उन गद्दार कांग्रेस के लोगों की पूरी फौज भरकर लाए थे, जिन्होंने वर्ष 2023 के मुख्य विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया था और पार्टी को नुकसान पहुंचाया था।"

राहुल सिंह की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल दागते हुए बापू ने कहा कि वे वरिष्ठ नेता से सीधे पूछना चाहते हैं कि वे मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को तोड़ना चाहते हैं या फिर उसे मजबूत करना चाहते हैं। वे इतने बड़े और वरिष्ठ नेता हैं कि उन्हें जमीन की सारी वास्तविक स्थिति पता होनी चाहिए, लेकिन वे खुद ही कह रहे हैं कि संगठन को विधायक की कोई जरूरत नहीं है और वे विधायक से बात नहीं करेंगे।


क्या यह अधिकार राहुल गांधी या जीतू पटवारी ने दिया है?

विधायक भेरूसिंह परिहार ने इस पूरे घटनाक्रम को एक चुने हुए जनसेवक और जनप्रतिनिधि का सरेआम अपमान करार दिया है। उन्होंने दिल्ली और भोपाल के शीर्ष नेतृत्व को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाया कि आखिर अजय सिंह को एक निर्वाचित विधायक को दरकिनार करने का यह तानाशाही अधिकार देश के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने दिया है या फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिया है। बापू ने चेताया कि यदि संगठन जमीनी स्तर पर अपने ही चुने हुए विधायकों को इस तरह से अपमानित और दरकिनार करेगा, तो आने वाले समय में मध्य प्रदेश के भीतर कांग्रेस पार्टी कभी मजबूत नहीं हो पाएगी। विधायक के इस आक्रामक रुख के बाद अब देखना होगा कि प्रदेश संगठन इस पर क्या रुख अपनाता है।