मुंबई। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने प्रशांत भूषण और 'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' अभियान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में विरोध-प्रदर्शनों के जरिए चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस कथित गतिविधि के पीछे 'रेड-ग्रीन नेक्सस' यानी वामपंथी और कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों के गठजोड़ की आशंका जताई। नायर ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से मामले की गंभीरता से जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।श्रीराज नायर ने कहा कि प्रशांत भूषण कई वर्षों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनी गई सरकारों का विरोध करते रहे हैं। जेन-जी के नाम पर चल रहे आंदोलन के दौरान भी प्रशांत भूषण ने कथित तौर पर आंदोलन को और बढ़ाने का प्रयास किया और अब देशव्यापी धरना-प्रदर्शन की अपील कर रहे हैं। युवाओं और युवतियों को कथित तौर पर भड़काकर सरकार के खिलाफ माहौल बनाने और 'रेजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की बात करना गंभीर विषय है।
उन्होंने प्रशांत भूषण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था और संविधान में विश्वास रखने वालों के रूप में वे चाहते हैं कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाने के उद्देश्य से आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार को इन गतिविधियों का संज्ञान लेकर आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
'पीपल अगेंस्ट एसआईआर' अभियान पर निशाना साधते हुए नायर ने देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन के आह्वान को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग के बहाने देश में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। इस तरह की गतिविधियां न्याय व्यवस्था, लोकतंत्र और चुनी हुई सरकार को कमजोर करने की कोशिश हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि अभियान से जुड़े लोगों की गतिविधियों की जांच की जाए और यदि कानून का उल्लंघन सामने आता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वीएचपी इस संगठन के अभियान और उसके कथित उद्देश्यों का विरोध करती है।
नायर ने फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए 'रेड-ग्रीन नेक्सस' की अवधारणा पर अपना समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि 'रेड' से वामपंथी या कम्युनिस्ट ताकतों और 'ग्रीन' से कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों का संकेत है। ऐसी ताकतें भारत में अराजकता फैलाने और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर सकती हैं। कुछ आंदोलनों के कारण परीक्षाएं बाधित होने और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित होने जैसी स्थितियां पैदा हुई हैं। नायर ने इन आरोपों के आधार पर गृह मंत्रालय से कथित गठजोड़ की व्यापक जांच करने और यदि कोई गैरकानूनी गतिविधि सामने आए तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयान का समर्थन करते हुए नायर ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है, जहां नियमित रूप से चुनाव होते हैं और परिणामों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह चुनाव में हारने पर एसआईआर को जिम्मेदार ठहराते हैं। केरल के चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस की जीत और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को देखना चाहिए।
नायर ने आगे कहा कि लोकतंत्र में किसी सरकार के कामकाज से असंतुष्ट मतदाताओं के पास अगले चुनाव में उसे बदलने का विकल्प मौजूद रहता है। चुनाव के बीच अराजकता फैलाकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करना देश को कमजोर कर सकता है।














