छतरपुर, विनोद मिश्रा। केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा रुन्झ एवं मझगंवा सिंचाई परियोजना से प्रभावित किसानों के मुआवजे और पुनर्वास की मांगों को लेकर 17 दिनों तक धरने पर बैठे रहे बुंदेलखंड के किसान नेता अमित भटनागर का पिछले 5 दिनों से भारी पुलिस सुरक्षा और कस्टडी के बीच छतरपुर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में इलाज चल रहा है। प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, उनकी मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करने की नियमानुकूल वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में दर्ज गंभीर आपराधिक मामलों के चलते डिस्चार्ज के बाद पुलिस उन्हें जेल भेजने की तैयारी में है।


अमित भटनागर के स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में एडीएम विनय द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेन्द्र गुप्ता तथा सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने संयुक्त रूप से जानकारी दी है। अधिकारियों ने बताया कि अमित भटनागर के स्वास्थ्य मापदंडों में लगातार सुधार दर्ज किया गया है और उनका ब्लड प्रेशर भी अब पूरी तरह नियंत्रण में है। फिलहाल उन्हें स्वास्थ्य विभाग की विशेष निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम द्वारा विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसके औपचारिक रूप से आते ही उन्हें डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


वहीं विश्वस्त प्रशासनिक एवं पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अमित भटनागर के खिलाफ पूर्व से ही विभिन्न गंभीर धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जिला अस्पताल से डिस्चार्ज मिलने और डॉक्टरों द्वारा पूरी तरह स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन उन मामलों में आगे की कानूनी व वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसी आशंका के चलते पिछले पांच दिनों से उन्हें जिला अस्पताल के आईसीयू में पुलिस की सख्त कस्टडी में रखा गया है।


दूसरी ओर अमित भटनागर सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार संदेश जारी कर रहे हैं। उनका दावा है कि जिला अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बावजूद उनका अनशन समाप्त नहीं हुआ है और वे अस्पताल के भीतर से भी अपना विरोध जारी रखे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन और पुलिस उनके आंदोलन को कुचलने के लिए उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करने और उन्हें जेल भेजने की साजिश रच रही है। हालांकि, वर्तमान में वे पुलिस अभिरक्षा के बीच अस्पताल में उपचाराधीन हैं।


आपको बता दें कि अमित भटनागर छतरपुर और पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाली केन-बेतवा लिंक परियोजना तथा रुन्झ-मझगंवा सिंचाई परियोजना से विस्थापित और प्रभावित हो रहे सैकड़ों किसानों के उचित पुनर्वास, पारदर्शी मुआवजे और अन्य मूलभूत मांगों को लेकर पिछले 17 दिनों से अनवरत सत्याग्रह और अनशन पर बैठे थे। 5 दिन पहले क्षेत्र में हुई तेज बारिश और संभावित स्वास्थ्य आपदा व खतरे को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में आंदोलन स्थल को खाली कराया था और अनशनकारियों को इलाज के लिए सीधे जिला अस्पताल भेजा था।