रायगढ़, छत्तीसगढ़, रोहित तिर्की । रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ नगर पंचायत में सरकारी संपत्ति के कथित दुरुपयोग का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत की ट्रैक्टर-ट्रॉली में लगे नए टायर को निकालकर एक निजी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लगा दिया गया, जबकि निजी ट्रॉली का पुराना और घिसा हुआ टायर सरकारी ट्रॉली में फिट कर दिया गया। आरोप है कि यह पूरा काम चोरी-छिपे कराया गया।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, टायर बदलने वाले दुकान के कर्मचारियों और मजदूरों ने बताया कि जिस निजी ट्रॉली में नया टायर लगाया गया, वह नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सरकार की बताई गई ट्रॉली थी और उन्हें ऐसा करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए इसकी शिकायत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) प्रभाकर शुक्ला से की। साथ ही नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तथा विभाग के डायरेक्टर को भी शिकायत भेजी गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मामला सार्वजनिक होने के बाद कथित साक्ष्यों को समाप्त करने के उद्देश्य से टायरों को दोबारा उनकी पुरानी स्थिति में लगाने का प्रयास किया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जांच में सरकारी संसाधनों का निजी उपयोग और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो यह सार्वजनिक विश्वास के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।




