नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और हूती विद्रोहियों के मिसाइल व ड्रोन हमलों के कारण खाड़ी देशों के लिए हवाई सेवाएं अब भी प्रभावित हैं, हालांकि रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले सप्ताह के अंत में परिचालन फिर से शुरू हो गया था, लेकिन सुरक्षा कारणों से कई उड़ानें अब भी रद्द की जा रही हैं।इसका असर खास तौर पर खाड़ी देशों और पश्चिमी देशों की यात्रा करने वाले भारतीय यात्रियों पर पड़ रहा है। कई एयरलाइंस ने सुरक्षा चिंताओं के चलते अपनी उड़ानों में कटौती की है, जिससे यात्रियों के यात्रा कार्यक्रम प्रभावित हुए हैं।

यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, ओमान और कतर के आसपास के हवाई क्षेत्र में उड़ानों को लेकर अपनी चेतावनी 16 नवंबर तक बढ़ा दी है।

एजेंसी ने कहा कि मिसाइलों, ड्रोन, लड़ाकू विमानों और वायु रक्षा प्रणालियों के इस्तेमाल की आशंका के कारण संबंधित हवाई क्षेत्र में सभी ऊंचाइयों पर नागरिक विमानों के लिए जोखिम बना हुआ है। इसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने प्रभावित देशों के लिए अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं या उड़ान मार्ग बदल दिए हैं ताकि ईरान, इराक, इजरायल और खाड़ी क्षेत्र के संवेदनशील हवाई क्षेत्रों से बचा जा सके।

एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने रियाद, जेद्दा और दम्माम के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक निलंबित कर दी हैं। यात्रियों को रिफंड और री-बुकिंग संबंधी जानकारी के लिए एयरलाइन की ताजा एडवाइजरी देखने की सलाह दी गई है।

टाटा समूह की इन एयरलाइंस ने कहा है कि वे स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और हालात सामान्य होने पर उड़ानें फिर शुरू करने का फैसला लेंगी।

वहीं, इंडिगो ने भी रियाद, जेद्दा, दम्माम और मदीना के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक रद्द कर दी हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा अकासा एयर ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें 24 अक्टूबर तक और जेद्दा के लिए 21 अक्टूबर तक स्थगित कर दी हैं। प्रभावित यात्रियों को नवीनतम उड़ान जानकारी और उपलब्ध विकल्पों की जांच करने की सलाह दी गई है।