भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महिला आयोग द्वारा आयोजित जनसुनवाई में सोमवार को पेंडिंग पड़े 30 मामलों की सुनवाई की गई। इस जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवादों और घरेलू प्रताड़ना से जुड़े कुछ ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आए, जिन्होंने आयोग के सदस्यों और अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। जनसुनवाई में जहां एक ओर सरकारी अधिकारी बनने के बाद पति को छोड़ने का मामला पहुंचा, वहीं दूसरी ओर पति-पत्नी द्वारा एक-दूसरे पर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बेहद संगीन मामले दर्ज किए गए।
केस-1: टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) में असिस्टेंट डायरेक्टर बनते ही छोड़ा पति का साथ
पहले मामले में महिला आयोग पहुंची शिकायत में एक सरकारी कॉलेज के प्रोफेसर पति ने अपना दर्द बयां किया। पति ने बताया कि उनकी शादी को 20 साल हो चुके हैं और यह दोनों की दूसरी शादी थी। विवाह के बाद उनका एक बेटा हुआ जो IVF तकनीक के जरिए हुआ था। पति का आरोप है कि जब से उनकी पत्नी का चयन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCP) विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर हुआ है, उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया है।
पति की गुहार और तर्क:
साथ रहने की इच्छा: पति ने आयोग से कहा कि वह इस उम्र में तलाक नहीं चाहते और अपनी पत्नी व बेटे के साथ रहना चाहते हैं। वह पत्नी के मायके में भी रहने को तैयार हैं।
प्रताड़ना के आरोपों का खंडन: पत्नी द्वारा लगाए गए मानसिक प्रताड़ना के आरोपों पर पति ने कहा, "यदि हमारे बीच मानसिक प्रताड़ना थी, तो IVF प्रक्रिया से बच्चे का जन्म होना कैसे संभव होता?"
पारिवारिक स्थिति: पति ने बताया कि पत्नी के बिना बताए चले जाने और बेटे को साथ ले जाने के गम में उनकी बूढ़ी मां को पैरालिसिस का दूसरा दौरा (अटैक) पड़ चुका है।
केस-2: पति ने जताया जान का खतरा; पत्नी ने लगाए अश्लील वीडियो वायरल करने और जबरन अबॉर्शन के आरोप
जनसुनवाई के दूसरे प्रमुख मामले में 2022 में लव मैरिज करने वाले एक दंपती के बीच का विवाद सामने आया, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आपराधिक स्तर के गंभीर आरोप लगाए।
पति का पक्ष:
जान का खतरा: पति ने आयोग के समक्ष दावा किया कि उसकी पत्नी के किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध हैं।
जहर देने की आशंका: पति ने कहा कि उसने अपनी पत्नी और उसके पार्टनर को फोन पर अपनी हत्या की साजिश रचते सुना है। उसने आशंका जताई कि पत्नी उसके खाने में जहर दे सकती है। इस संबंध में उसने अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत करने का दावा किया है।
पत्नी के गंभीर आरोप:
निजता का हनन और कैमरे: महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने बेडरूम में गुप्त कैमरे (Hidden Cameras) लगाकर उसकी निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
दहेज उत्पीड़न व अबॉर्शन: महिला का आरोप है कि शादी के पहले दिन से ही उससे कार, नकदी और सोने की मांग की जा रही थी। मना करने पर उसे कमरे और बाथरूम में बंद कर पीटा गया और उसकी मर्जी के बिना उसका जबरन अबॉर्शन कराया गया।
ससुराल वालों पर आरोप: महिला (मूल निवासी नागपुर) ने यह भी आरोप लगाया कि पति के अपनी मौसी की लड़की के साथ संबंध हैं तथा ससुर ने भी उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। महिला ने बताया कि ससुराल वाले उसे भोपाल के मकान में अकेला छोड़कर चले गए हैं और उसका खर्चा उसके मायके वाले उठा रहे हैं।
आयोग द्वारा मामलों की समीक्षा
महिला आयोग में दोनों मामलों के पक्षों को सुनने के बाद दस्तावेजों, साक्ष्यों और पुलिस शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। आयोग के अधिकारियों ने बताया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य परिवारों को टूटने से बचाना और जहां गंभीर अपराध या प्रताड़ना पाई जाए, वहां निष्पक्ष कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।




