अहमदाबाद। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के मुंद्रा पोर्ट को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में किए गए प्रयासों के लिए 'लीजेंड (इमर्जिंग)' अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान 21वें एक्ससीड पर्यावरण पुरस्कार 2026 के तहत पर्यावरणीय स्थिरता श्रेणी में प्रदान किया गया।यह पुरस्कार सतत विकास मिशन द्वारा आयोजित एक्ससीड पर्यावरण पुरस्कार समारोह में दिया गया, जो केंद्र सरकार की 'लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (एलआईएफई)' पहल से जुड़ा हुआ है।

इस सम्मान का उद्देश्य उन संस्थानों को पहचान देना है जो पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग और टिकाऊ व्यावसायिक प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता दिखाते हैं।

एपीएसईजेड ने कहा कि यह सम्मान उसके द्वारा बंदरगाह संचालन में पर्यावरणीय पहलुओं को शामिल करने, संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन और प्राकृतिक संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की मान्यता है। कंपनी के अनुसार, वह दीर्घकालिक मूल्य सृजन के साथ-साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों को भी अपनी रणनीति का अहम हिस्सा मानती है।

कंपनी ने कहा, "यह सम्मान हमारे संचालन में पर्यावरणीय दृष्टिकोण को शामिल करने और हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"

एपीएसईजेड के अनुसार, यह उपलब्धि सतत बंदरगाह संचालन की दिशा में उसके प्रयासों को और मजबूती देती है तथा भारत के व्यापक पर्यावरणीय और जलवायु लक्ष्यों में योगदान देने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

हाल के वर्षों में स्थिरता एपीएसईजेड की परिचालन रणनीति का प्रमुख हिस्सा रही है। कंपनी ने अपनी नवीनतम वित्तीय जानकारी में बताया था कि उसके 12 बंदरगाहों को 'जीरो वेस्ट टू लैंडफिल' प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) प्राप्त हुआ है, जो कचरा प्रबंधन और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में उसकी प्रगति को दर्शाता है।

इसके अलावा, एपीएसईजेड ने प्रकृति-संबंधी वित्तीय प्रकटीकरण कार्यबल (टीएनएफडी) ढांचे को भी अपनाया है। कंपनी के अनुसार, एकीकृत परिवहन उपयोगिता क्षेत्र में यह ढांचा अपनाने वाली वह पहली भारतीय कंपनी बनी है।

मुंद्रा पोर्ट, जो एपीएसईजेड का प्रमुख और सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह है, गुजरात में स्थित है और कंपनी के कारोबार का प्रमुख केंद्र माना जाता है। कंपनी ने हाल के वर्षों में यहां इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, परिचालन दक्षता और पर्यावरण-अनुकूल उपायों पर बड़े पैमाने पर निवेश किया है।

एक्ससीड पर्यावरण पुरस्कार में मिली यह मान्यता दर्शाती है कि भारत का बंदरगाह क्षेत्र अब केवल व्यापार और लॉजिस्टिक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास को भी अपनी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है।

अधिकारियों ने कहा कि एपीएसईजेड मुंद्रा को मिला यह सम्मान जिम्मेदार संसाधन उपयोग, संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में उसके प्रयासों को और मजबूती प्रदान करता है।