नौगांव, कमल यादव। बरसात का मौसम शुरू होते ही छतरपुर रोड स्थित वार्ड क्रमांक 4 की सिल्वर सिटी कॉलोनी में रहवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के बाद कॉलोनी की सड़कों पर कीचड़ और जगह-जगह जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी बसने के करीब एक दशक बाद भी सड़क, नाली, पेयजल और विद्युत जैसी कई मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।


जानकारी के अनुसार, सिल्वर सिटी कॉलोनी में करीब 10 वर्ष पहले लगभग 300 प्लॉट काटे गए थे। बताया जाता है कि इन प्लॉटों की बिक्री किस्तों, लॉटरी सिस्टम और नगद राशि के माध्यम से की गई। वर्तमान में कॉलोनी में 150 से अधिक मकान बन चुके हैं और बड़ी संख्या में परिवार यहां निवास कर रहे हैं।


सुविधाएं देने का किया गया था दावा


रहवासियों के अनुसार, प्लॉटिंग के समय कॉलोनी में पार्क, सड़क, नाली, विद्युत व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। लोगों का आरोप है कि प्लॉट बिकने के बाद कॉलोनी की व्यवस्थाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। वर्षों बीतने के बावजूद कई जरूरी सुविधाएं अधूरी हैं। रहवासियों के मुताबिक वर्तमान में यहां केवल कॉलोनी का कार्यालय संचालित होने की बात सामने आ रही है।


नल-जल योजना का लाभ नहीं, बिजली व्यवस्था पर भी सवाल


कॉलोनी में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। रहवासियों का कहना है कि नल-जल योजना का लाभ सिल्वर सिटी तक नहीं पहुंच पाया है और पर्याप्त पाइपलाइन भी नहीं बिछाई गई है। विद्युत व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने अस्थाई साधनों के सहारे आपूर्ति होने की बात कही है। बारिश के दौरान सड़क और नाली की समस्या सबसे ज्यादा परेशानी का कारण बन रही है।


अवैध कॉलोनी होने के कारण नगर पालिका ने नहीं कराया निर्माण


वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने बताया कि सिल्वर सिटी कॉलोनी अवैध कॉलोनी की श्रेणी में आती है। इसी कारण पूर्व में नगर पालिका द्वारा यहां निर्माण कार्य के लिए फंड खर्च नहीं किया गया। हालांकि, उन्होंने बताया कि इस वर्ष कॉलोनी के कुछ हिस्सों में नाली निर्माण का कार्य कराया गया है। उनका कहना है कि कॉलोनी की प्लाटिंग के समय लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही गई थी।


एक दशक बाद भी सुविधाओं का इंतजार


रहवासियों का कहना है कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदे और मकान बनाए, लेकिन आज भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। गलियों में कीचड़ फैलने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। कई स्थानों पर लोगों को कीचड़ और पानी के बीच से होकर घर पहुंचना पड़ता है।


रहवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका से कॉलोनी का मौके पर निरीक्षण कराने, सड़क एवं नाली की स्थायी व्यवस्था करने तथा पेयजल और विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। साथ ही लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि कॉलोनी में सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा देकर प्लॉट बेचे गए थे, तो वर्षों बाद भी व्यवस्थाएं अधूरी क्यों हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी।