वॉशिंगटन। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 51 देशों ने यूक्रेन की शांति की अपील का समर्थन किया है। यूरोपीय संघ (ईयू) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्‍लास ने कहा क‍ि यूक्रेन शांत‍ि चाहता है और हम सब चाहते हैं क‍ि रूस भी ऐसा करने को तैयार हो। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा क‍ि रूस से एकजुट अपील है कि वह अपनी सैन्य कार्रवाई रोके और शांति का रास्ता चुने।

ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्‍लास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''संयुक्त राष्ट्र महासभा में 51 देश यूक्रेन के समर्थन में एकजुट हैं। मार्च 2025 से यूक्रेन पूर्ण, तुरंत और बिना किसी शर्त के युद्धविराम के लिए सहमत है। हम रूस से भी अपील करते हैं कि वह अब ऐसा ही करे। यूक्रेन शांति चाहता है। हम शांति चाहते हैं। रूस को अपनी सैन्य कार्रवाई रोकनी चाहिए, युद्धविराम स्वीकार करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक पूरी तरह न्यायपूर्ण और लंबे समय तक टिकने वाली शांति के लिए गंभीरता के साथ बातचीत में शामिल होना चाहिए।''

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा क‍ि काजा कल्‍लास और फ्रांस के यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन नोएल बैरो के साथ मिलकर हमने यूक्रेन पर होने वाली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक से पहले मीडिया से बात की। उन्‍होंने कहा क‍ि रूस से एकजुट अपील है कि वह अपनी सैन्य कार्रवाई रोके और शांति का रास्ता चुने।

सिबिहा ने समर्थन में शाम‍िल देशों यूरोपीय संघ, अल्बानिया, अंडोरा, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, बोस्निया और हर्जेगोविना, बुल्गारिया, कनाडा, कोस्टा रिका, क्रोएशिया, साइप्रस, चेकिया, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ‍िनलैंड, फ्रांस, जॉर्जिया, जर्मनी, ग्रीस, होंडुरास, हंगरी, आइसलैंड, आयरलैंड, इजरायल, इटली, जापान, लातविया, लिकटेंस्टीन, लिथुआनिया, लक्ज़मबर्ग, माल्टा, मोनाको, मोंटेनेग्रो, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, नॉर्थ मैसेडोनिया, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, कोरिया गणराज्य, मोल्दोवा गणराज्य, रोमानिया, सैन मैरिनो, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम की ओर से जारी संयुक्‍त बयान पढ़ा।

बयान में कहा गया, यूक्रेन के हालात पर चर्चा के लिए जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हो रही है। हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और शांति के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराते हैं।

हम यूक्रेन के साथ एकजुट होकर खड़े हैं, जो रूस के हमले का सामना कर रहा है। हम याद दिलाते हैं कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर सभी देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ-साथ आत्मरक्षा के अधिकार को भी मान्यता देता है।

बयान के अनुसार, बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू हुए चार साल, छह महीने और तीस दिन हो चुके हैं और इंसानी नुकसान लगातार बढ़ रहा है। पूरे यूक्रेन में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर रूस के बढ़ते हमलों को लेकर हम बेहद चिंतित हैं। संयुक्त राष्ट्र के रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में इन हमलों की वजह से हताहतों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है।

बयान में अपील की गई कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पूरी तरह पालन किया जाए, जिम्मेदारी तय की जाए और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

बयान में कहा गया क‍ि हम खास तौर पर काला सागर में हो रहे हमलों को लेकर चिंतित हैं। रूस यूक्रेन के अनाज निर्यात को रोकने की कोशिश कर रहा है, जिससे दुनिया की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। इसलिए हम काला सागर में ऐसी व्यवस्था बनाने की कोशिशों का समर्थन करते हैं, जिससे जहाजों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित हो सके। हम कारोबारी जहाजों और जरूरी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की भी अपील करते हैं।