भोपाल। मध्य प्रदेश में 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सरकार लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपए की राशि दे रही है। प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव भोपाल के मिंटो हॉल से पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे।
इस वर्ष करीब 1 लाख 21 हजार विद्यार्थी योजना के लिए पात्र हैं। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा DBT के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी। सरकार विद्यार्थियों को लैपटॉप उपलब्ध नहीं कराती, बल्कि लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देती है।
304 करोड़ 98 लाख रुपए से अधिक की राशि होगी ट्रांसफर
योजना के तहत इस वर्ष पात्र विद्यार्थियों के खातों में 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी। योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को मिलता है, जिन्होंने 12वीं की परीक्षा पहले प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल कर पास की है।
सरकार का कहना है कि लैपटॉप मिलने से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग, ई-लाइब्रेरी और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग करने में मदद मिलेगी। इससे उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को जरूरी डिजिटल संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
2009-10 में शुरू हुई थी योजना
मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में हुई थी। उस समय योजना का लाभ लेने के लिए 12वीं में 85 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी था। बाद में सरकार ने पात्रता की सीमा घटाकर 75 प्रतिशत कर दी। इसके बाद 12वीं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भी योजना के दायरे में आ गए।
तीन साल में सरकारी स्कूलों में बढ़े दाखिले
परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या में कमी आने के बजाय वृद्धि हुई है। उन्होंने दावा किया कि ड्रॉपआउट दर में भी लगातार कमी आई है और इसे लगभग शून्य स्तर तक लाने में सफलता मिली है।
मंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। पिछले वर्ष करीब 92 हजार विद्यार्थी 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल कर लैपटॉप योजना के लिए पात्र हुए थे। इस वर्ष यह संख्या बढ़कर करीब 1 लाख 22 हजार हो गई है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था में सुधार, शिक्षकों की प्रतिबद्धता, विद्यार्थियों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम बताया।
अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थियों को मिला लाभ
राव उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया जा चुका है। इस योजना पर सरकार अब तक करीब 1,620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि लैपटॉप विद्यार्थियों के लिए सिर्फ एक उपकरण नहीं है, बल्कि उच्च शिक्षा के दौरान डिजिटल लर्निंग, ई-लाइब्रेरी और डिजिटल किताबों तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
नई शिक्षा नीति से ड्रॉपआउट में कमी का दावा
मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत से विद्यार्थियों के स्कूल छोड़ने की दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में लगातार बढ़ रहे दाखिले शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव का संकेत हैं।
18 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की तैयारी
शिक्षकों की कमी को लेकर मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अतिथि शिक्षकों के माध्यम से भी सेवाएं ली जा रही हैं। उन्होंने बताया कि आरक्षण, बैकलॉग और अन्य नियमानुसार प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए करीब 18 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि नियमानुसार रिक्त शिक्षक पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। आगामी समय में इन पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में और सुधार किया जा सके।




