गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर से प्रदेश के 9 लाख 18 हजार 91 किसानों के बैंक खातों में 493 करोड़ रुपये की राहत राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की। यह सहायता राशि हाल ही में बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि और चक्रवात के चलते फसलों, मकानों और पशुधन को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार आपदा प्रभावित किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और नुकसान के महज 10 दिनों के भीतर मुआवजा सीधे उनके खातों में पहुंचा दिया गया है। कार्यक्रम से पूर्व सीएम ने 'मिशन शक्ति' के छठे चरण के अंतर्गत 500 से अधिक महिलाओं की सहभागिता वाली जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सपा जाति के नाम पर समाज को बांटती है और किसानों के हक के पैसों पर डकैती डालती है। उन्होंने 2014 के हुदहुद चक्रवात का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय केंद्र सरकार ने राहत कार्य के लिए 3,200 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन तत्कालीन सपा सरकार ने किसानों को केवल 800 करोड़ रुपये बांटे और बाकी 2,400 करोड़ रुपये हड़प लिए। सीएम ने कहा कि इसी पाप और किसानों के श्राप के चलते सपा सत्ता से बाहर हुई। 2017 में सरकार बनने के बाद उन्होंने इस मामले की जांच कराई और अलग से बजट की व्यवस्था कर दो साल बाद वंचित किसानों के खातों में बाकी धनराशि भेजी। सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों के भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले केंद्र से 100 रुपये भेजे जाते थे, तो धरातल पर पहुंचते-पहुंचते मात्र 15 रुपये रह जाते थे और बीच की रकम कांग्रेसी व समाजवादी लोग डकार जाते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है। केंद्र और राज्य सरकार जो भी राहत देती है, वह बिना किसी बिचौलिए या कमीशनखोरी के सीधे किसानों के बैंक खाते में 100 फीसदी पहुंचती है। मुख्यमंत्री योगी यहीं नहीं रुके आगे उन्होंने कांग्रेस पर भी जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी लगातार हो रही राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए षड्यंत्र रच रही है। सीएम ने चेतावनी देते हुए कहा, यदि कांग्रेस अराजकता फैलाने से बाज नहीं आई, तो देश की जनता उसका बचा-खुचा राजनीतिक अस्तित्व भी हमेशा के लिए समाप्त कर देगी। उन्होंने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को तत्काल अपना नेतृत्व बदलना चाहिए, क्योंकि जिस नेतृत्व पर जनता का रत्ती भर भी विश्वास नहीं रह गया है, उसे ढोने का कोई औचित्य नहीं है। कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के उपायों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आकाशीय बिजली और मौसम की सटीक पूर्व जानकारी देने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम तेजी से स्थापित किया जा रहा है। फोन अलर्ट के माध्यम से लोगों को समय रहते आगाह किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि रुकी है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवाता है, तो पीड़ित परिवार को 24 घंटे के भीतर 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ कटान वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत और पुनर्निर्माण कार्य तेज करने के सख्त निर्देश दिए।
कन्नौज। नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इत्र नगरी कन्नौज में स्थित करीब 500 साल पुराने सिद्धपीठ मां फूलमती देवी मंदिर में भी रविवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है। हरदोई, औरैया, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और कानपुर नगर समेत कई जगहों से यहां 9 दिन तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।सुरक्षा के मद्देनजर बलों की तैनाती की गई है। सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। मंदिर को भव्य और आकर्षक तरीके से सजाया गया है। मां की प्रतिमा पर चढ़ाए जाने वाले जल का श्रद्धालुओं में विषेश महत्व है। मां फूलमती देवी मंदिर के मुख्य पुजारी शिखर मिश्र ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "फूलमती देवी राजा वेणुचक्र की बेटी हैं। मां सात बहनें हैं। कन्नौज का नाम पुराणों में दर्ज है। मां के दर्शन करने कई प्रांतों के भक्त आते हैं, जिनकी कुल की देवी हैं। मां की अखंड ज्योति भी प्रज्ज्वलित हो गई है। प्रतिदिन शाम को मां की आरती की जाती है। श्रद्धालु राजीव कुमार ने कहा, "मां के दरबार में हम बचपन से ही आ रहे हैं। मां की मान्यता काफी ज्यादा है। मां से मांगी गई सभी मुरादें पूरी हो जाती हैं। मां के दरबार में आने से संतान की प्राप्ति होती है। मां के दरबार में आने से मन शांत हो जाता है और काफी अच्छा लगता है।" वहीं, मध्य प्रदेश के देवास में नवरात्रि के पहले दिन भक्त पूजा-अर्चना करने और रविवार सुबह की आरती में शामिल होने के लिए मां चामुंडा और मां तुलजा भवानी मंदिरों में उमड़ पड़े। बड़ी माता मंदिर के पुजारी हर्षल ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, आज शारदीय नवरात्रि का पहला दिन है। हर व्यक्ति और भक्त की इच्छा होती है कि वह पहले ही दिन मां के दर्शन करे। पहले दिन दर्शन करने को जीवन में एक नई शुरुआत माना जाता है। मंदिर के महत्व की बात करें तो यह सदियों पुराना है और मां स्वयं यहां साक्षात प्रकट हुई थीं।"
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन रविवार को बलरामपुर के तुलसीपुर स्थित देवी शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर नवरात्रि और दशहरा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया, स्कूली बच्चों को पठन-पाठन सामग्री वितरित की और कृषि मेले का शुभारंभ कर किसानों को कृषि यंत्र प्रदान किए। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मां पाटेश्वरी के चरणों में शीश झुकाया, विधिवत पूजन-अर्चन किया और आरती उतारी। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन, पुलिस और मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोग श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। परिसर में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर स्थित गोशाला में गायों को गुड़ और हरा चारा खिलाकर उनकी सेवा भी की। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और संतों से मुलाकात की। महंत मिथिलेश नाथ योगी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री शनिवार को बलरामपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने देवीपाटन मंदिर परिसर में रात्रि विश्राम किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक जीतने और प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार तथा ट्रैकसूट प्रदान कर प्रोत्साहित किया। सम्मानित होने वालों में 36वीं नॉर्थ जोन जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में लंबी कूद में प्रथम स्थान हासिल करने वाली कंचन शामिल रहीं। प्राची जैन को राज्य स्तरीय जूडो प्रतियोगिता में रजत पदक जीतने, जबकि संध्या यादव और ममता को राज्य स्तरीय स्कूल गेम्स जूडो प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल करने के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में उपलब्धि हासिल करने वाली पलक शुक्ला और अनाया गुप्ता को भी सम्मानित किया गया। साची कश्यप, साक्षी सिंह और साक्षी सिद्धार्थ को 55वीं केंद्रीय विद्यालय संगठन राष्ट्रीय खेलकूद ताइक्वांडो प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विद्यालयों के 12 बच्चों को आशीर्वाद पत्र और पठन-पाठन सामग्री वितरित की। इस दौरान उन्होंने देवी स्वरूपा बच्चियों को चुनरी पहनाकर सम्मानित किया तथा उन्हें स्टडी टेबल और चॉकलेट भेंट की। कार्यक्रम में बच्चों के प्रति मुख्यमंत्री का स्नेह और उन्हें शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का भाव भी देखने को मिला। प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर की छात्राओं गायत्री, प्रिया और जयश्री ने मुख्यमंत्री को ग्रीटिंग कार्ड, पुष्पगुच्छ, स्वरचित कविता और पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम का संचालन तान्या वाजपेयी ने किया। मुख्यमंत्री ने कृषि मेले का शुभारंभ करने के साथ कृषि उत्पादों और आधुनिक कृषि तकनीकों पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों को कृषि यंत्र प्रदान कर आधुनिक खेती को बढ़ावा देने और कृषि कार्यों को सुगम बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत जगनारायण और मोतीलाल यादव को चाबी प्रदान की। वहीं, सर्वेश्वर मणि तिवारी, दिलीप कुमार और हरीश कुमार को पावर स्प्रेयर दिए गए। कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री ने शिक्षा, खेल और कृषि को प्रोत्साहित करने के साथ नवरात्रि के अवसर पर धार्मिक आस्था और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया।
नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं।केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "नवरात्रि के पहले दिन आज मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। मां शैलपुत्री को कोटि-कोटि वंदन। देवी मां सभी को संयम, शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करें।" उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया, "मां भगवती जगदंबा की उपासना के पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की सभी श्रद्धालुओं व प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मां सभी के जीवन को सुख, समृद्धि, आरोग्यता और सौभाग्य के आशीर्वाद से अभिसिंचित करें, यही प्रार्थना है।" सीएम योगी की ओर से एक और पोस्ट में लिखा गया, "शक्ति की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिवस पर आदिशक्ति मां शैलपुत्री के चरणों में नमन। मां की असीम कृपा से सभी के जीवन में आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो, समस्त जगत में शांति, सद्भाव व समृद्धि का विस्तार हो और हर घर सुख-मंगल से आलोकित रहे।" राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "शक्ति की आराधना, श्रद्धा और भक्ति के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक मंगलकामनाएं! मां जगदंबा की कृपा से प्रदेश में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली का वास हो और राजस्थान विकास, शांति एवं जनकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर रहे।" उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना के महापर्व शारदीय नवरात्रि के शुभारंभ की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना को समर्पित नवरात्रि के प्रथम दिवस पर मां भगवती से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करता हूं।" दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया, "आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना के पावन पर्व शारदीय नवरात्रि की समस्त दिल्लीवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मां भगवती के शुभ आगमन से दिल्ली का हर घर भक्ति, आनंद और मंगलमय वातावरण से भर उठे। माता रानी की असीम कृपा से हर परिवार में सुख-शांति, आरोग्य और समृद्धि का वास हो। सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, यही मां के श्रीचरणों में प्रार्थना है।" उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने लिखा, "आदिशक्ति मां भगवती की आराधना के पावन महापर्व शारदीय नवरात्रि पर समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! जगत जननी मां भगवती की कृपा से समस्त देश एवं प्रदेशवासियों का जीवन सुख, समृद्धि और मंगलमयता से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है।" महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से सोशल मीडिया पर लिखा गया, "नवरात्रोत्सवाच्या हार्दिक शुभेच्छा!" उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आप सभी को जगत-जननी, आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना-उपासना के पावन महापर्व शारदीय नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। मां जगदंबा से आपके उत्तम स्वास्थ्य, समृद्धि एवं वैभवपूर्ण जीवन की मंगलकामना है।"
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में राजस्व प्रशासन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड ने चयन वर्ष 2025-26 के तहत ऑनलाइन विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की प्रक्रिया पूरी करते हुए प्रदेश के 455 लेखपालों को राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) के पद पर पदोन्नति प्रदान की है। पदोन्नत कार्मिकों की तैनाती के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद बोर्ड के चेयरमैन बीएल मीणा ने बताया कि पदोन्नति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संपन्न कराई गई। निर्धारित पात्रता मानकों और सेवा अभिलेखों के आधार पर कार्मिकों का परीक्षण किया गया। परीक्षण के बाद 455 लेखपालों को पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया गया। ऑनलाइन डीपीसी के माध्यम से प्रक्रिया पूरी होने से विभागीय पदोन्नति में पारदर्शिता के साथ ही समयबद्धता को भी बढ़ावा मिला है। पदोन्नति से राजस्व निरीक्षक संवर्ग में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे तहसील और क्षेत्रीय स्तर पर राजस्व कार्यों की निगरानी एवं पर्यवेक्षण और प्रभावी होगी। वहीं, भूमि संबंधी मामलों, पैमाइश, राजस्व अभिलेखों और अन्य राजस्व कार्यों के निस्तारण में भी तेजी आने की उम्मीद है। राजस्व निरीक्षक राजस्व प्रशासन की महत्वपूर्ण कड़ी होते हैं। तहसील स्तर पर राजस्व संबंधी कार्यों की निगरानी, अभिलेखों के रखरखाव और भूमि से जुड़े मामलों में विभागीय प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उनकी भूमिका रहती है। ऐसे में पदोन्नति के बाद कार्मिकों की तैनाती से क्षेत्रीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की संभावना है। बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राजस्व मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निस्तारण के साथ प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में ऑनलाइन डीपीसी को कार्मिक प्रबंधन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरकार की ओर से राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के प्रयासों के तहत विभागीय प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।