नई दिल्ली, 23 अप्रैल । भाजपा नेता अजय आलोक ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर दावा किया है कि दोनों राज्यों में भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी। बंगाल में भाजपा की सरकार और तमिलनाडु में एनडीए की सरकार बनेगी।नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता अजय आलोक ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर कहा कि निश्चित तौर पर जनता का रुझान देखते हुए हम लोग बिल्कुल आश्वस्त हैं कि तमिलनाडु में एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी और भारतीय जनता पार्टी पहली बार अपने दम पर बंगाल में बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। लोगों का रुझान इस तरह का है कि वो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही अब चलना चाहते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनाव आयोग के नोटिस पर उन्होंने कहा, "कोई फायदा नहीं है, वह क्या जवाब देंगे, नहीं देंगे, इससे कोई मतलब नहीं है। देश के प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करना खड़गे की मानसिक विक्षिप्तता का परिचय है। खड़गे राहुल गांधी के प्रभाव में आ गए हैं।"

ईडी की छापेमारी में बाधा डालने पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा ममता बनर्जी को फटकार लगाए जाने पर उन्होंने कहा कि हमारे लोकतंत्र की मजबूती है कि इतने गंभीर आक्षेप के बाद भी सुप्रीम कोर्ट ने ये नहीं कहा कि ममता बनर्जी की सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए। हमारे लोकतंत्र की मजबूती है जहां पर न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका अपनी-अपनी सीमाओं को पहचानती हैं। लेकिन यह उस मुख्यमंत्री के लिए शर्मनाक है कि ऐसी टिप्पणी देश की सर्वोच्च अदालत करे।

बंगाल चुनाव को लेकर कहा कि निश्चित तौर पर 4 तारीख को भारतीय जनता पार्टी की जैसी ही सरकार बनेगी, पूरी अवधारणा बदल जाएगी। पुलिस टीएमसी के एजेंट की तरह नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के लिए काम करेगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए काम करेगी और कोई महिला असुरक्षित नहीं रहेगी, यह हमारा वादा है। लेकिन इस बार चुनाव आयोग बिल्कुल निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुझे पूरी उम्मीद है कोई हिंसा नहीं होगी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की जनता से अपील है कि वह खुलकर मतदान करें। भ्रष्टाचारी सरकारों हटाने के लिए वोट डालें। विकसित भारत के साथ जो सम्मिलित हो सके ऐसी सरकार के लिए वोट डालें।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनाव आयोग के नोटिस पर कहा कि उनका बयान शर्मनाक था और किसी भी लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुसार नहीं था। अपेक्षा करते हैं कि इलेक्शन कमिशन सिर्फ नोटिस नहीं जारी करेगा। नोटिस के बाद जो जवाब आएगा, उसके ऊपर कार्रवाई भी करेगा।