मंदसौर, ललितशंकर धाकड़। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है, और किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। डॉ. मोहन यादव सरकार पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग सिस्टम किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। किसानों का आरोप है कि ऑनलाइन पोर्टल बार-बार फेल हो रहा है… घंटों इंतजार के बाद भी स्लॉट बुक नहीं हो पा रहा। कभी सर्वर डाउन तो कभी सैटेलाइट कनेक्टिविटी का बहानाकुल मिलाकर पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में है।सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि सैटेलाइट वेरिफिकेशन में कई किसानों की फसल “असत्यापित” दिखाई जा रही है यानी खेत में गेहूं खड़ा है, लेकिन सिस्टम में नजर ही नहीं आ रहा।यहीं नहीं कई मामलों में पंजीयन के दौरान ज्यादा गेहूं दर्ज है, लेकिन स्लॉट बुकिंग के वक्त सिस्टम कम मात्रा दिखा रहा है,जिससे किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है,किसानों में भारी आक्रोश है वे खरीदी केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है,लेकिन समाधान अब तक नजर नहीं आ रहा। सवाल ये है-क्या सरकार इस बिगड़ी व्यवस्था को समय रहते सुधार पाएगी या किसानों की मुश्किलें और बढ़ेंगी?