भोपाल, जीतेन्द्र यादव। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल चौधरी ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश की मोहन यादव सरकार और केंद्र सरकार की कृषि नीतियों पर जमकर हमला बोला। उन्होंने सरकार द्वारा मनाए जा रहे 'कृषि कल्याण वर्ष' पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह कैसा कल्याण है जहाँ किसानों को सरेआम लूटा जा रहा है। कुणाल चौधरी ने मांग की है कि सरकार गेहूं की खरीदी पर 40 रुपये का मामूली झुनझुना थमाने के बजाय किसानों को 575 रुपये का बोनस प्रदान करे।
खरीदी की तारीख बढ़ाने पर उठाए सवाल
कुणाल चौधरी ने गेहूं खरीदी की तारीख को आगे बढ़ाए जाने पर सरकार को घेरते हुए कहा कि पहले 16 मार्च से खरीदी शुरू होनी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 1 अप्रैल कर दिया गया है। उन्होंने मांग की कि किसानों का अनाज तुरंत खरीदा जाए और खरीदी की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 मई (संशोधित) किया जाए ताकि कोई भी किसान वंचित न रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के नाम पर भारी कर्ज ले रही है, लेकिन वह पैसा अन्नदाता के पास पहुँचने के बजाय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है।
ट्रेड डील और सूदखोरी के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुणाल चौधरी ने केंद्र सरकार की 'ट्रेड डील' को भारतीय किसानों के लिए 'डेथ वारंट' बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री किसानों के हितैषी नहीं हैं और सरकार किसानों के साथ सूदखोरी और लूट कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर सीधा हमला बोलते हुए चौधरी ने कहा कि उन्होंने काले धन को सफेद करने का धंधा खोल रखा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को 575 रुपये का उचित बोनस और तत्काल खरीदी की सुविधा नहीं मिली, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।
कुणाल चौधरी की प्रमुख मांगें:
बोनस: 40 रुपये की मामूली वृद्धि के बजाय 575 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए।
खरीदी: 1 अप्रैल का इंतजार करने के बजाय तत्काल अनाज की तुलाई शुरू हो।
अंतिम तिथि: किसानों की सुविधा के लिए खरीदी की समय-सीमा बढ़ाई जाए।
ट्रेड डील: किसान विरोधी व्यापार समझौतों को तत्काल रद्द किया जाए।



