छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने रेत माफियाओं के बढ़ते आतंक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित वनकर्मी सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।
वनकर्मियों ने हाल ही में मुरैना जिले में अवैध रेत परिवहन के दौरान बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर की ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर हत्या किए जाने की घटना पर गहरा आक्रोश जताया। उनका कहना है कि इस घटना ने साफ कर दिया है कि रेत माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं, जिससे ड्यूटी के दौरान उनकी जान को गंभीर खतरा बना हुआ है।
ज्ञापन में वनकर्मियों ने आत्मरक्षा के लिए अग्नि अस्त्र रखने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, ड्यूटी के दौरान घायल कर्मचारियों को नि:शुल्क उच्च स्तरीय इलाज देने और मृतक वनकर्मी को शहीद का दर्जा देने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
इसके अलावा, वनकर्मियों ने दिवंगत बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग भी की है। उनका कहना है कि जब तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक इस तरह के जोखिम भरे अभियानों में काम करना मुश्किल बना रहेगा।
“रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हमारी जान को खतरा रहता है। सरकार हमें सुरक्षा और हथियार की अनुमति दे, ताकि हम अपना कर्तव्य सुरक्षित तरीके से निभा सकें।”
वनकर्मियों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


