Thursday, February 26, 2026

LOGO

BREAKING NEWS
व्यापार समाचारअमेरिकी वाणिज्य सचिव के साथ आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर हुई 'बहुत ही सार्थक चर्चा': पीयूष गोयल

अमेरिकी वाणिज्य सचिव के साथ आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर हुई 'बहुत ही सार्थक चर्चा': पीयूष गोयल

Post Media
News Logo
PeptechTime
26 फ़रवरी 2026, 11:00 am IST
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter/XOpen Instagram
Copy Link

Advertisement

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अमेरिका के वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए 'बहुत ही सार्थक चर्चा' की।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए गोयल ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव और भारत में अमेरिकी राजदूत की मेजबानी की और द्विपक्षीय व्यापार व आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बातचीत की।


उन्होंने कहा कि चर्चा का मुख्य फोकस भारत और अमेरिका के बीच सहयोग बढ़ाने और संबंधों को और गहरा करने पर रहा।


गोयल ने एक्स पर लिखा, "अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मेजबानी की। व्यापार और आर्थिक साझेदारी को बढ़ाने के लिए बहुत ही सार्थक चर्चाएं हुईं।"


सर्जियो गोर ने भी इस बैठक को 'प्रोडक्टिव' बताया और कहा, "हावर्ड लटनिक और पीयूष गोयल के साथ बहुत ही उपयोगी लंच मीटिंग रही। हमारे दोनों देशों के लिए सहयोग के कई क्षेत्र मौजूद हैं।"


यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक व्यापार में अपनी भूमिका मजबूत करने और प्रमुख साझेदार देशों के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने पर काम कर रहा है।


सरकार भारतीय कारोबारियों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच सुनिश्चित करने और उन्हें वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है।


इससे पहले गोयल ने कहा था कि भारत 38 देशों के साथ नौ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) कर चुका है, जिससे भारतीय व्यवसायों को वैश्विक व्यापार के लगभग दो-तिहाई हिस्से तक विशेष पहुंच मिली है।


उन्होंने बताया कि इन समझौतों से भारतीय वस्तुओं, सेवाओं, कृषि और मत्स्य उत्पादों तथा श्रम-प्रधान क्षेत्रों को नए बाजार मिल रहे हैं और प्रतिभा की आवाजाही भी आसान हो रही है।


मंत्री के अनुसार, 'आत्मनिर्भर भारत' का उद्देश्य अलग-थलग रहना नहीं है, बल्कि वैश्विक भागीदारी के जरिए मजबूत, भरोसेमंद और विविध आपूर्ति शृंखलाएं तैयार करना है।


उन्होंने उद्यमियों और उद्योग जगत के नेताओं से बार-बार अपील की है कि वे वैश्विक अवसरों को देश भर के एमएसएमई, किसानों, निर्यातकों और मछुआरों तक पहुंचाएं।


हाल ही में मुंबई में आयोजित 'ईवाई एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर अवार्ड' के 27वें संस्करण में गोयल ने कहा था कि भारत की विकास यात्रा में उद्यमी और युवा अहम भूमिका निभाते रहेंगे।


उन्होंने विश्वास जताया कि युवा भारत 'अमृत काल' के दौरान देश को 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।


फरवरी की शुरुआत में भारत और अमेरिका के बीच एक प्रारंभिक समझौते पर सहमति बनी थी, जिसके तहत अमेरिकी टैरिफ को भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की रूपरेखा तय की गई थी। बदले में भारत ने पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी सामान खरीदने की योजना का संकेत दिया था। यह समझौता पहले चरण को औपचारिक रूप देने के साथ व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में आगे की बातचीत का आधार था।


हालांकि, हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के आपातकालीन टैरिफ को अमान्य कर दिया, जिससे भारत के लिए बातचीत की नई संभावनाएं बनी हैं।


इसके जवाब में भारत ने वॉशिंगटन जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल की प्रस्तावित यात्रा फिलहाल टाल दी है, जिसका उद्देश्य अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देना था। हालांकि, भारत इस समझौते पर पुनर्विचार नहीं कर रहा है।


विशेषज्ञों का मानना है कि भारत भविष्य में संभावित न्यायिक या एकतरफा टैरिफ फैसलों से बचाव के उपायों पर जोर दे सकता है, साथ ही व्यापारिक संबंधों को बनाए रखते हुए घरेलू ऊर्जा और आर्थिक प्राथमिकताओं का संतुलन साधने की कोशिश करेगा। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका भारत से टैरिफ वसूली जारी रखेगा और इस समझौते को अपने संशोधित दृष्टिकोण के तहत 'निष्पक्ष' बताया है।

Today In JP Cinema, Chhatarpur (M.P.)