इंदौर, रविकांत वर्मा। साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मैट्रिक्स 2.0’ के तहत विजय नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी आम लोगों के नाम से खुले बैंक खातों को साइबर ठगों को बेचने का काम करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 एटीएम कार्ड, 6 सिम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल फोन सहित डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुखलिया निवासी दिलीप कुशवाह, बिजलपुर निवासी विश्वराज सिंह झाला और तिलक नगर निवासी वंसराज मोदी के रूप में हुई है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर विजय नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ा।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों को बैंक खातों की पूरी किट उपलब्ध कराते थे। इसमें बैंक अकाउंट के साथ एटीएम/डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, पासबुक और चेकबुक तक शामिल रहती थी। आरोपी सेविंग अकाउंट 15 से 20 हजार रुपए, जबकि करंट अकाउंट 1 लाख से 1.50 लाख रुपए तक में साइबर ठगों को बेचते थे।
इन म्यूल खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड से हासिल रकम को ट्रांसफर और निकालने के लिए किया जाता था। पुलिस को आशंका है कि इन खातों के जरिए बड़ी रकम का संदिग्ध लेन-देन किया गया है। जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के साथ पुलिस बैंक खातों और उनसे जुड़े सिम कार्ड की जानकारी जुटा रही है।
विजय नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस रिमांड के दौरान साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, बैंक खातों के सप्लायरों और मुख्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए पूछताछ कर रही है।














