ढाका। बांग्लादेश के युवा बढ़ते रोजगार संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे युवाओं की तादाद अच्छी खासी है जिनके पास टैलेंट तो है लेकिन अवसरों की कमी के कारण खाली बैठे हुए हैं। स्थानीय मीडिया ने बुधवार को एक देशव्यापी सर्वे का हवाला देते इसकी जानकारी दी। इस सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि बेरोजगारी देश भर के युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनकर उभरी है।

“बांग्लादेश में युवाओं की समस्याएं और संभावित समाधान” शीर्षक वाले इस सर्वे में, बांग्लादेश के युवाओं के बीच बेरोजगारी, कौशल की कमी, मानसिक तनाव, डिजिटल लत, ऑनलाइन गैंबलिंग और ड्रग्स का इस्तेमाल बड़ी परेशानी का कारण बने हैं।

बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आकलन सामाजिक सरोकारों से जुड़े संगठन शोपनोपुरी कल्याण संस्था और बांग्लादेश को-क्रिएशन ने मिलकर इंटरनेशनल यूथ डे 2026 को मनाने के लिए किया था।

इंटरनेशनल यूथ डे बुधवार को यूनाइटेड नेशंस की थीम “अलग-अलग हालात, एक जैसी उम्मीदें” के तहत मनाया जाता है। हर साल 12 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिन दुनिया भर के युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों और मौकों के बारे में जागरूकता बढ़ाता है और सतत विकास में जरूरी साझेदार के तौर पर उनकी भूमिका को रेखांकित करता है।

सर्वे में बांग्लादेश भर से छात्रों, युवा आयोजकों, वॉलंटियर्स, समाज सेवा से जुड़े लोगों, और युवा नवाचारों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कई जवाब देने वालों ने बेरोजगारी को एक बड़ी चिंता बताया, जबकि सर्वे में युवाओं की मानसिक स्थिति से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों पर भी रोशनी डाली गई।

डिसेबल वेलफेयर सोसाइटी बांग्लादेश की मेंबर सालेहा के ने युवाओं में बढ़ते तनाव और दबाव को एक बड़ी चिंता बताया।

दूसरी ओर, गबुरा वेलफेयर सोसाइटी के आयोजन सचिव रबीउल इस्लाम ने कहा कि भविष्य को लेकर अनिश्चितता, गिरता आत्म विश्वास और सही मार्ग दर्शन की कमी से बांग्लादेश में कई युवा मानसिक दबाव के शिकार हो रहे हैं।

इसके अलावा, जियो एवेंजर्स की प्रतिनिधि संजीदा सुमिया सुचोना ने कहा कि सालों की पढ़ाई और कौशल विकास के बाद भी मनचाही नौकरी, वित्तीय स्थिरता और बेहतर जिन्दगी न मिल पाने से कई युवा निराश हो रहे हैं।

इस सर्वे में शामिल भागीदारों ने डिजिटल टेक्नोलॉजी पर बहुत अधिक निर्भरता के साथ-साथ ऑनलाइन गैंबलिंग और कसीनो गेम्स में डूबे रहने को भी खतरनाक बताया।

इस्लामिक सोसाइटी संघा बुरीमारी के संस्थापक और निदेशक, एमडी शरीफुल इस्लाम अभि ने मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल और ड्रग्स की लत को युवाओं में बढ़ती समस्या का कारण बताया।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश में मौजूद 'दीपांचल फाउंडेशन' के सलाहकार, अमन उल्लाह ने एक अलग मुद्दे की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कई युवाओं में “ट्रांजिट माइंडसेट” उभर रहा है, जिसमें कई लोग बांग्लादेश को एक अस्थायी पड़ाव के तौर पर देख रहे हैं, न कि ऐसे देश के तौर पर जहां वे अपना भविष्य बना सकें।

उन्होंने आगे कहा कि बढ़ती संख्या में युवा विदेश पलायन को सफल भविष्य का मुख्य रास्ता मान रहे हैं।