छतरपुर, संजय अवस्थी। छतरपुर जिला अस्पताल परिसर में हुई मारपीट के एक मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्राम अतरार निवासी पीड़ित जमुना प्रसाद विश्वकर्मा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचकर एक शिकायती आवेदन सौंपा है। पीड़ित का आरोप है कि जिला अस्पताल में उनके साथ दबंगों ने बेरहमी से लात-घूंसों से मारपीट की, जिससे उनका हाथ टूट गया। इसके बावजूद कोतवाली पुलिस ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय उल्टा उनके खिलाफ ही प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ली।
पीड़ित जमुना प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि 3 तारीख को जिला अस्पताल परिसर में उनके साथ मारपीट की घटना घटित हुई थी। पुलिस द्वारा निष्पक्ष जांच न किए जाने पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन से घटना का सीसीटीवी फुटेज निकलवाया है, जिसे सबूत के तौर पर एसपी कार्यालय में जमा किया गया है। पीड़ित ने मांग की है कि पुलिस अधिकारी स्वयं इस सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को देखें और निष्पक्षता से जांच करें कि गलती किसकी थी। उनका आरोप है कि कोतवाली पुलिस ने बिना किसी प्राथमिक जांच या घटना की सत्यता परखे एकतरफा कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पीड़ित पक्ष ने गांव के ही नंदराम कुशवाहा और नरेंद्र कुशवाहा पर मारपीट करने, रास्ते में रोककर धमकाने और अकारण विवाद करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि आरोपी लगातार जान से मारने और रास्ते में घेरकर मारपीट करने की धमकियां दे रहे हैं। उन्होंने एसपी को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी या अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कोतवाली पुलिस प्रशासन की होगी क्योंकि बार-बार गुहार लगाने के बाद भी पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रही है।













