बगावत के सुर पड़े ठंडे! सीएम हाउस में 'पॉवर डोज' के बाद बीजेपी विधायक के बदले सुर

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भोपाल/उज्जैन। महाकाल की नगरी उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले उज्जैन उत्तर के बीजेपी विधायक अनिल जैन को पार्टी आलाकमान ने सख्त संदेश दे दिया है। पिछले कुछ दिनों से आंदोलन की चेतावनी दे रहे विधायक को भोपाल स्थित सीएम हाउस तलब किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। इस 'अनुशासन की घुट्टी' के बाद अब विधायक ने अपने विरोध के सुर वापस ले लिए हैं।
क्या था पूरा विवाद?
उज्जैन में विकास कार्यों के तहत सड़कों के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इस परियोजना के विरोध में विधायक अनिल जैन ने न केवल असंतोष जताया था, बल्कि खुलेआम आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली थी। अपनी ही सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट के खिलाफ एक सत्ताधारी विधायक का यह तेवर बीजेपी संगठन के लिए गले की हड्डी बन गया था, खासकर तब जब उज्जैन खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर है।
बंद कमरे में लगी 'क्लास'
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक को तत्काल भोपाल बुलाया गया। सूत्रों के मुताबिक, सीएम हाउस में हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और प्रदेश प्रभारी मौजूद थे। नेताओं ने दो-टूक शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में बाधा डालना और सार्वजनिक रूप से विरोध करना 'अनुशासनहीनता' की श्रेणी में आता है। सीएम की नाराजगी और संगठन की सख्ती के आगे विधायक को झुकना पड़ा।
अब 'विरोध' नहीं, 'विकास' की बात
फटकार के बाद विधायक अनिल जैन के तेवर पूरी तरह बदल गए हैं। बैठक से बाहर आने के बाद यह साफ हो गया है कि अब वे सड़क चौड़ीकरण का विरोध नहीं करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उन्हें स्पष्ट कर दिया गया है कि शहर का विकास प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


