भोपाल। भोपाल से सामने आई जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश में जून 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों दलों में उम्मीदवारों को लेकर दावेदार सक्रिय हो गए हैं।


प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीटें जून 2026 में खाली होने जा रही हैं। मौजूदा राजनीतिक समीकरण के अनुसार इनमें से दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना जताई जा रही है।


जून में खत्म होगा इन नेताओं का कार्यकाल

मध्यप्रदेश से जिन तीन सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, उनमें डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन भाजपा से हैं, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। दिग्विजय सिंह पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे दोबारा राज्यसभा जाने के इच्छुक नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस में नए चेहरे को मौका मिलने की चर्चा तेज हो गई है।


कांग्रेस में नए चेहरे की चर्चा

कांग्रेस में राज्यसभा के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम सबसे प्रमुख माना जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और पूर्व सांसद मोनाक्षी नटराजन भी संभावित दावेदारों में शामिल बताए जा रहे हैं। यदि पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग से किसी नेता को मौका देती है तो पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और प्रदीप अहिरवार के नाम भी चर्चा में हैं।


भाजपा में भी दावेदार सक्रिय

भाजपा की दो सीटों के लिए भी कई वरिष्ठ नेता सक्रिय हो गए हैं। मौजूदा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन को दोबारा मौका मिल सकता है, हालांकि पार्टी के भीतर अन्य नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। संभावित दावेदारों में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जयभान सिंह पवैया और लाल सिंह आर्य जैसे नाम सामने आ रहे हैं।फिलहाल अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा, लेकिन राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में अगले कुछ महीनों तक हलचल बने रहने की संभावना है।