अधिकारों की हुंकार: जल, जंगल और जमीन की रक्षा हेतु 9-सूत्रीय न्याय पत्र

Advertisement
छिंदवाड़ा। गोंडवाना संगठन छिंदवाड़ा ने आदिवासी, पिछड़ा वर्ग और किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन में 9 सूत्रीय मांगें रखीं।
ज्ञापन में कहा गया कि आज़ादी के 78 वर्ष बाद भी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोगों के साथ अन्याय, अत्याचार और शोषण जारी है। संगठन का आरोप है कि जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम पर गांवों को विस्थापित किया जा रहा है, वहीं जिले में बड़ी मात्रा में भूमि को बांध, खदान और नेशनल पार्क के लिए अधिग्रहित करने का प्रयास किया जा रहा है।
संगठन ने आदिवासियों की जमीन पर गैर-आदिवासियों द्वारा किए जा रहे कब्जे का मुद्दा उठाते हुए किसानों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को भी प्रमुखता से रखा। उनका कहना है कि आदिवासी समाज, किसानों और पिछड़े वर्ग के हितों की लगातार अनदेखी हो रही है, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।
गोंडवाना संगठन ने प्रशासन से मांग की कि इन समस्याओं पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में ओबीसी महासभा के छिंदवाड़ा जिला अध्यक्ष विपिन वर्मा ने भी अपने विचार रखे।
