पन्ना, मोहम्मद मुस्तकीम। मजगायें बांध परियोजना में उचित मुआवजे की मांग को लेकर आदिवासी और किसानों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। चिलचिलाती धूप और बांध के पानी के बीच विस्थापित परिवारों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे किसान नेता अमित भटनागर भी विस्थापितों के साथ आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं।


प्रदर्शन के दौरान डूब क्षेत्र में आने वाले परिवारों के नए मामले भी सामने आए। कई महिलाओं ने बताया कि उनके घर, मकान और जमीन बांध के पानी में डूब रहे हैं, लेकिन किसी को मुआवजे की आधी राशि मिली है तो कई परिवार अब भी मुआवजे से वंचित हैं। महिलाओं का कहना है कि वे अपने छोटे बच्चों के साथ भीषण गर्मी में धरने पर बैठकर उचित मुआवजे की मांग कर रही हैं।


चार दिन से चल रहे प्रदर्शन के बावजूद अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचा है और न ही प्रदर्शनकारियों से बातचीत हुई है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उन्हें पेयजल की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में शामिल लोग बांध का पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है।


आंदोलनकारियों के अनुसार, शुरुआत में दो दिन ग्राम पंचायत के टैंकर से पानी उपलब्ध कराया गया, लेकिन अब टैंकर भी बंद कर दिया गया है। इसके बावजूद विस्थापित परिवार अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उनका कहना है कि उचित मुआवजा मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।