डिंडौरी में दरिंदगी की हद: मां की हत्या के बाद लिव-इन पार्टनर ने मासूम बेटी से किया रेप

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शहपुरा | मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के शहपुरा थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक शख्स ने अपनी लिव-इन पार्टनर के सिर पर लोहे की रॉड मारकर उसकी हत्या कर दी, वहीं मृतका की 14 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ उसके ही लिव-इन पार्टनर ने नशे की हालत में दुष्कर्म किया। वारदात के बाद दोनों आरोपी भाई मौके से फरार हो गए।
विवाद के बाद रॉड से किए कई वार
जानकारी के अनुसार, मृतका (35) पिछले चार महीने से अपने लिव-इन पार्टनर हरिओम चौधरी के साथ रह रही थी। दो दिन पहले हरिओम का छोटा भाई छोटू चौधरी (40) घर आया और किसी बात पर महिला से विवाद करने लगा। विवाद इतना बढ़ा कि छोटू ने लोहे की रॉड से महिला के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाने के बजाय आरोपी घर पर ही मरहम-पट्टी का ढोंग करता रहा, जिससे बुधवार को महिला ने दम तोड़ दिया।
नशे में धुत पार्टनर ने मासूम को बनाया शिकार
पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने बताया कि मां की मौत के बाद लिव-इन पार्टनर हरिओम चौधरी नशे की हालत में घर पहुंचा। उसने टॉयलेट के पास पड़ी अपनी पार्टनर की लाश को नजरअंदाज कर दिया और डरी-सहमी बच्ची को कमरे में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाहर से कुंडी लगाकर भाग निकला। मासूम बच्ची पूरी रात अपनी मां के शव के पास बैठकर रोती रही।
पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस
गुरुवार सुबह 10 बजे तक जब घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों ने संदेह होने पर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर का मंजर देख अधिकारी भी सन्न रह गए। लहूलुहान शव के पास बच्ची सहमी हुई बैठी थी। पुलिस ने तत्काल बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहाँ उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
"आरोपी हरिओम और छोटू चौधरी के खिलाफ हत्या और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। बालाघाट से आई फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है।" — शहपुरा पुलिस प्रशासन
पति की मौत के बाद जबलपुर में हुई थी मुलाकात
मृतक महिला मूल रूप से शहपुरा की ही रहने वाली थी। करीब एक साल पहले उसके पति की करंट लगने से मौत हो गई थी, जिसके बाद वह मजदूरी के लिए जबलपुर चली गई। वहां उसकी मुलाकात ड्राइवर हरिओम से हुई और दोनों साथ रहने लगे थे। किसे पता था कि जिस सहारे के लिए उसने घर बसाया, वही उसकी और उसकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर देगा।
