हरपालपुर। नगर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए एक विशेष कला-आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन नगर पालिका अध्यक्ष सोंटू अग्रवाल एवं नगरपालिका अधिकारी शैलेंद्र चौहान के सानिध्य में संपन्न हुआ, जिन्होंने इस पहल को सराहनीय बताते हुए महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यशाला का नेतृत्व रंगसाजी की संस्थापक, प्रसिद्ध कलाकार एवं नोएडा निवासी एकता नाहर द्वारा किया गया। एकता नाहर ने अपने अनुभव और कला कौशल के माध्यम से उपस्थित महिलाओं को न केवल कलात्मक प्रशिक्षण दिया, बल्कि उन्हें यह भी समझाया कि कला केवल दीवारों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और आय का एक मजबूत माध्यम भी बन सकती है।
कार्यशाला के दौरान एकता ने महिलाओं को यह समझाया कि हम अक्सर पेंटिंग को सिर्फ सजावट तक सीमित समझते हैं, जबकि वास्तव में कला के माध्यम से पुरानी, अनुपयोगी और टूटे-फूटे सामान को भी नया जीवन दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कैसे महिलाएं अपने घरों में उपलब्ध कबाड़ सामग्री—जैसे पुरानी बोतलें, लकड़ी के टुकड़े, और अन्य वस्तुएं पर रचनात्मक कलाकारी करके उन्हें आकर्षक और बाजार में बेचने योग्य उत्पाद में बदल सकती हैं।
इस प्रशिक्षण सत्र में महिलाओं ने रंगों की सही मिक्सिंग, विभिन्न प्रकार के ब्रशेस का प्रभावी उपयोग, टेक्सचर और डिजाइन की बारीकियां, लकड़ी एवं कांच की सतहों पर पेंटिंग, तथा क्ले के माध्यम से सुंदर आकृतियां बनाना जैसी कई महत्वपूर्ण तकनीकों को सीखा। कार्यशाला के दौरान महिलाओं में उत्साह और जिज्ञासा स्पष्ट रूप से दिखाई दी, और उन्होंने पूरे मनोयोग से हर गतिविधि में भाग लिया।
इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि महिलाओं को यह विश्वास दिलाया गया कि वे बिना किसी बड़े निवेश के भी अपने हुनर के दम पर एक छोटा व्यवसाय शुरू कर सकती हैं। एकता नाहर ने उन्हें प्रेरित करते हुए कहा कि “कला हर हाथ में हो सकती है, जरूरत है तो सिर्फ उसे पहचानने और सही दिशा देने की।”
कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती कीर्ति अग्रवाल, राजकुमार जगरिया विशेष रूप से एवं नगर पालिका से प्रदीप सेन से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वयं इस कार्यशाला में भाग लिया और महिलाओं के साथ मिलकर कला गतिविधियों का अनुभव किया। उन्होंने इस तरह के आयोजनों को समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देगी।
कार्यशाला के समापन पर उपस्थित सभी महिलाओं के चेहरों पर संतोष, उत्साह और नई संभावनाओं की चमक देखने को मिली। यह आयोजन न केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम था, बल्कि महिलाओं के लिए एक नई सोच, नई दिशा और आत्मनिर्भरता की ओर एक मजबूत कदम साबित हुआ।

