टीकमगढ़ /पलेरा, सोनू विश्वकर्मा। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा नगर की बेटी कु. आस्था दमेले ने संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल पेश की है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। सातवीं कक्षा में घर छोड़कर पढ़ाई का कठिन निर्णय लेने वाली आस्था ने लगातार 14 प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलता का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-23 हासिल कर उपखंड दंडाधिकारी (SDM) के पद पर चयनित हुईं।


आस्था दमेले, द्वारका प्रसाद (राज) दमेले एवं महिला गहोई समाज पलेरा की अध्यक्ष श्रीमती नीतू दमेले की पुत्री हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया और हर असफलता को सीख में बदलते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ती रहीं। आज वे बिहार में SDM के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पलेरा नगर और गहोई वैश्य समाज में खुशी का माहौल है।


आस्था की सफलता पर गहोई समाज पलेरा सहित नगरवासियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे संघर्ष, समर्पण और निरंतर प्रयास की जीत बताया। आस्था दमेले की सफलता यह संदेश देती है कि असफलताएं मंजिल का अंत नहीं, बल्कि सफलता तक पहुंचने का मार्ग होती हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास लगातार जारी रहें तो सफलता निश्चित रूप से कदम चूमती है।