डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन

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सागर— डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में छात्रों की लंबित समस्याओं को लेकर आज गौर यूथ फोरम के आह्वान पर एक बड़ी छात्र पंचायत का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में स्थित गौर मूर्ति के समक्ष एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों पर खुलकर चर्चा की और एकजुटता दिखाई।
छात्र पंचायत के बाद प्रदर्शनकारी छात्र प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने कुलपति को संबोधित एक ज्ञापन कुलानुशासक और रजिस्ट्रार के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल ध्यान देने की मांग की।
छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता एवं उपलब्धता की गंभीर समस्या का समाधान।
पीने के पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना।
परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधार।
छात्रों की बीमा राशि का लंबित भुगतान।
स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित और प्रभावी व्यवस्था।
ज्ञापन सौंपने के बाद छात्रों ने छात्रसंघ चुनाव की तत्काल घोषणा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इसी दौरान विश्वविद्यालय में चल रहे शिक्षक संघ चुनाव के विरोध में छात्र वहां पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों का कहना था कि जब शिक्षकों के चुनाव निर्विरोध या सुचारू रूप से कराए जा सकते हैं, तो छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत छात्रसंघ चुनाव भी तुरंत कराए जाने चाहिए।
इसके बाद छात्रों ने रैली निकाली और पूरे विश्वविद्यालय परिसर में भ्रमण किया। "विद्यार्थी एकता जिंदाबाद" और अन्य नारों के साथ उन्होंने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
इस अवसर पर गौर यूथ फोरम और अन्य छात्र संगठनों के सक्रिय सदस्यों सहित भरत सोनी, मनीष बोहरे, आशुतोष पाठक, आनंद पाठक, अंशुल शर्मा, जानवेन्द्र सिंह ठाकुर, मोहित सिंह, शशि मिश्रा, हिमांशु तिवारी, मनु डोन, दीपक स्वामी, प्रसून पटेल, यश सिंह चौहान, शुभ पाठक, शिवांस, मुस्कान पटेल, आयुष वर्मा, धर्मराज, अमन पटेल, अराधना जैन, पुण्य प्रताप पटेल, अनुराग यादव, दीपेन्द्र राय, अंशिका कुर्मी, आशी जैन, दिव्या दीक्षित, दिव्यांशी श्रीवास्तव, वैभव धुरिया, महिमा प्यासी, आकाश पांडे, अशोक कुमार प्रजापति, अदिति जैसवाल, सास्वत जैन, पवन दुवे, आयुष राज तिवारी सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं शामिल रहे।
छात्रों का कहना है कि ये समस्याएं लंबे समय से चली आ रही हैं और प्रशासन की ओर से बार-बार आश्वासन के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब छात्र संगठित रूप से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं ताकि विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली हो सके।
