आध्यात्मिक लहर: पंचकल्याण महोत्सव ने बांधा भक्ति का जादू

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गुनौर (जीतेन्द्र रजक )। इन दिनों छोटे से नगर गुनौर में एक अनोखी धार्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। जैन समाज द्वारा जनकल्याण के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय पंचकल्याण महोत्सव ने पूरे इलाके को भक्ति रस की धारा में डुबो दिया है। परम पूज्य आचार्य श्री 108 विशुद्ध सागर जी महाराज के मंगल सानिध्य में यह भव्य आयोजन 5 मार्च से 10 मार्च तक चल रहा है, जिसमें जैन मुनियों के दर्शन और गहन प्रवचनों से श्रद्धालुओं के मन में दिव्य आनंद की अनुभूति हो रही है।
नगर में बह रही है भक्ति की अमृतमयी धारा
जैन मुनियों के आगमन के साथ ही गुनौर में एक अलग ही उत्साह और श्रद्धा का माहौल बन गया है। आसपास के गांवों से लेकर दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु इस पवित्र महोत्सव में शामिल होने पहुंच रहे हैं। मुनि श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के प्रवचन सुनकर लोग आत्मिक शांति और ज्ञान की प्राप्ति कर रहे हैं। यह महोत्सव न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन चुका है।
व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं
जैन समाज ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किया है। बैठने की उचित व्यवस्था के साथ-साथ उनके ठहरने और भोजन की भी शानदार व्यवस्था की गई है। नगर भर में धार्मिक उत्साह की लहर दौड़ रही है, जहां हर तरफ जय जिनेंद्र के नारे गूंज रहे हैं। यह पंचकल्याण महोत्सव न सिर्फ प्रतिष्ठा और अनुष्ठानों का माध्यम है, बल्कि जनकल्याण और आध्यात्मिक जागरण का भी प्रतीक बन गया है।
