सिरसा के गौरव की मौत पर सस्पेंस, पत्नी पर परिजनों का शक: मलेशिया में जन्मदिन मनाया, शव से पहले भारत लौटी

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सिरसा। मलेशिया में सिरसा के 25 वर्षीय गौरव उर्फ गौरू की संदिग्ध मौत का मामला अब डेथ-मिस्ट्री बन गया है। परिवार ने गौरव की पत्नी अमरजीत कौर पर गंभीर शक जताया है। परिजनों का कहना है कि 18 जनवरी को गौरव से आखिरी बार सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन अगले ही दिन मलेशिया से सूचना मिली कि उसने आत्महत्या कर ली। खास बात यह है कि 5 जनवरी को गौरव ने मलेशिया में पत्नी का जन्मदिन मनाया था और इसकी तस्वीरें व वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए थे।
परिवार के अनुसार, पत्नी पर शक की तीन बड़ी वजहें हैं। पहली—अमरजीत कौर पहले मलेशिया में ब्लैकलिस्टेड थी, यह बात उसने शादी से पहले छिपाई। दूसरी—फांसी के मामलों में आमतौर पर आंखें और जीभ बाहर आ जाती हैं, जबकि गौरव के शव में ऐसा नहीं था, बल्कि मुंह से झाग निकलने की बात सामने आई। तीसरी—गौरव का शव 26 जनवरी को भारत पहुंचा, जबकि अमरजीत कौर उससे दो दिन पहले ही भारत लौट चुकी थी और अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुई।
गौरव के भाई सोनू ने बताया कि मलेशियन एंबेसी से जानकारी मिली थी कि पत्नी पहले ही भारत लौट चुकी है। इससे परिवार का संदेह और गहरा गया। सोनू के मुताबिक, गौरव 12वीं पास था और दुबई या किसी अरब देश में प्लंबर बनकर काम करना चाहता था। इसी दौरान रिश्तेदारी के जरिए अमरजीत कौर से रिश्ता तय हुआ और 14 जुलाई 2024 को दोनों की अरेंज मैरिज हुई।
शादी के अगले ही दिन दोनों टूरिस्ट वीजा पर थाईलैंड होते हुए मलेशिया पहुंच गए। रास्ते में जांच के दौरान पता चला कि अमरजीत कौर 2021 में वीजा अवधि से ज्यादा रुकने के कारण मलेशिया में ब्लैकलिस्टेड थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच विवाद भी हुआ, लेकिन बाद में समझौता हो गया। मलेशिया पहुंचने के बाद अमरजीत को बर्गर शॉप में और गौरव को एक सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी मिली, जिससे गौरव का वीजा एक्सटेंड हो गया।
18 जनवरी को गौरव ने घर पर फोन कर बताया था कि एक परिचित उसके पास आ गया है और दोनों साथ काम पर जाएंगे। लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत की सूचना आ गई। मलेशिया पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कर मौत का कारण आत्महत्या बताया। परिवार मलेशिया नहीं जा सका, ऐसे में वहां की एक NGO की मदद से शव को भारत लाया गया।
27 जनवरी को जब शव गांव चौबुर्जा पहुंचा, तो परिजनों ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की। पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे, डॉक्टरों ने अग्रोहा अस्पताल रेफर किया, लेकिन बाद में परिजन शव लेकर लौट गए और बिना दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय मामला है और मलेशिया पुलिस द्वारा की गई जांच में इसे आत्महत्या बताया गया है, फिर भी जरूरत पड़ी तो हर संभव सहयोग किया जाएगा।
