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मध्य प्रदेशटीकमगढ़नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को कारण बताओ नोटिस जारी

नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार को कारण बताओ नोटिस जारी

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6 मार्च 2026, 06:51 am IST
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टीकमगढ़। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने टीकमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पद के दुरुपयोग और करोड़ों रुपए की आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विभाग ने उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच समिति की रिपोर्ट में 9 गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनसे नगर पालिका को लाखों रुपए की वित्तीय क्षति होने की बात कही गई है।


जांच में खुलासा हुआ है कि माँ कर्माबाई मार्केट की दुकानों के आवंटन में नियमों की अनदेखी करते हुए ऑनलाइन प्रक्रिया की जगह ऑफलाइन निविदाएं ली गईं। बाजार मूल्य से कम दरों पर दुकानों के आवंटन के कारण नगर पालिका को लगभग 18 लाख 89 हजार रुपए का नुकसान हुआ है।


इसके अलावा शासन द्वारा नियुक्तियों पर प्रतिबंध होने के बावजूद अध्यक्ष द्वारा नियमों के विपरीत 15 से अधिक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की नियुक्ति किए जाने का मामला भी सामने आया है, जिससे नगर पालिका निधि पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा।


पुरानी टेहरी क्षेत्र में तालाब के डूब क्षेत्र में संजीवनी क्लीनिक का निर्माण भी विवादों में है। गलत स्थान चयन के कारण करीब 21 लाख 42 हजार रुपए की लागत से बना यह क्लीनिक फिलहाल बंद पड़ा हुआ है। वहीं एलईडी लाइट, फिटकरी और पाइपलाइन विस्तार के लिए सामग्री की खरीदी भी बाजार दर से अधिक कीमतों पर किए जाने के आरोप जांच में सामने आए हैं।


जांच रिपोर्ट के अनुसार 66 में से 58 ठेके केवल दो फर्मों—मेसर्स तनु इंटरप्राइजेज और मेसर्स महाकाल इंडस्ट्रीज—को दिए गए, जो कथित तौर पर पिता-पुत्र की कंपनियां बताई जा रही हैं। साथ ही अध्यक्ष द्वारा अपनी वित्तीय सीमा का उल्लंघन करते हुए बिना पीआईसी की स्वीकृति के भुगतान आदेश जारी किए जाने का भी उल्लेख रिपोर्ट में किया गया है।


शासन ने माना है कि अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 51 के तहत अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रहे हैं। नगरीय विकास विभाग के सचिव द्वारा जारी आदेश में उन्हें 15 दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।


यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है तो धारा 41-क के तहत उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनके कार्यकाल में हुई आर्थिक क्षति की वसूली भी उनसे की जाएगी।

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