छतरपुर, शिवम सोनी। छतरपुर जिले में मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक युवक ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक छतरपुर से न्याय की गुहार लगाई है। पीडि़त का आरोप है कि उसके ससुराल वालों ने न केवल उसे बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा और जातिसूचक गालियाँ दीं, बल्कि उसकी पत्नी को भी जबरन अगवा कर ले गए।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सागर जिले के शाहगढ़ निवासी भूपेंद्र आठिया (26 वर्ष) ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 19 नवंबर 2025 को पार्वती पटेल के साथ हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। विवाद की शुरुआत तब हुई जब 25 अप्रैल 2026 को यह जोड़ा अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने सागर आया था। आरोप है कि इसी दौरान पीडि़त के ससुर सुखदीन पटेल ने उन्हें फोन कर घर बुलाया। 27 अप्रैल को ससुर के घर पहुँचने के बाद, उन्हें भीमकुंड घूमने के बहाने ले जाया गया।
भूपेंद्र का आरोप है कि 29 अप्रैल को भीमकुंड के पास जंगल में उसके ससुर, सास, साले पवन और अरविंद पटेल, चाचा बल्लू पटेल और दो अन्य अज्ञात लोगों ने उसे और उसकी पत्नी को घेर लिया। आरोपियों ने भूपेंद्र के हाथ-पैर बाँध दिए और कई घंटों तक उसकी बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हदें पार करते हुए आरोपियों ने उसके चेहरे पर पेशाब किया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया। शिकायत के मुताबिक, जब सड़क से गुजर रहे एक वाहन को देखकर आरोपी घबराए, तो वे भूपेंद्र की पत्नी पार्वती को जान से मारने की धमकी देते हुए जबरन अपने साथ ले गए। जाते-जाते आरोपी पीडि़त के बैग से 20,000 रुपये नकद और एक सैमसंग मोबाइल भी छीन ले गए।
पीडि़त किसी तरह अपनी जान बचाकर रात भर जंगल में छिपा रहा और अगली सुबह ग्रामीणों की मदद से अस्पताल पहुँचा। पीडि़त का कहना है कि वह अनुसूचित जाति (से संबंध रखता है, इसलिए उसके साथ यह अमानवीय व्यवहार किया गया। उसने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि उसकी पत्नी को ससुराल वालों के चंगुल से छुड़ाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट दर्ज की जाए।

