इंदौर,रविकांत वर्मा। इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। फर्जी 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर एक 71 वर्षीय सीनियर सिटीजन से 40 लाख 70 हजार रुपये की ठगी करने वाली गुजरात की अंतर्राज्यीय गैंग के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने ठगी से जुड़े 23 बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है ताकि आगे कोई और वारदात न हो सके।


मामले की शुरुआत तब हुई जब सीनियर सिटीजन ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने खुद को पुलिस, सीबीआई अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेज भेजे और डराने-धमकाने के बाद 'डिजिटल अरेस्ट' का झांसा देकर बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। जांच में पता चला कि यह ठगी गुजरात आधारित एक अंतर्राज्यीय साइबर गैंग की साजिश थी।


क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेन-देन की गहन जांच के आधार पर कार्रवाई की। पहले ही इस मामले में गुजरात के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तीसरे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पूछताछ में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस अब गैंग के अन्य सदस्यों, पूरे नेटवर्क और ठगी की रकम के प्रवाह की गहन जांच में जुटी हुई है।