ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम द्वारा जारी की गई बड़े संपत्ति कर बकायेदारों की सूची ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। इस सूची में ग्वालियर राजघराने से जुड़े दिवंगत नेता माधवराव सिंधिया का नाम शामिल है, जिनके नाम पर दर्ज एक संपत्ति पर करीब 33 लाख रुपये का टैक्स बकाया बताया गया है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, जीवाजी क्लब रोड पर कटोरा ताल के सामने स्थित एक खाली जमीन दिवंगत माधवराव सिंधिया के नाम पर दर्ज है। इस संपत्ति पर वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं हुआ है और अब कुल बकाया राशि 33 लाख 32 हजार 719 रुपये तक पहुंच गई है। निगम प्रशासन इस मामले में दस्तावेजों की जांच कर रहा है और रिकॉर्ड अपडेट करने के लिए सिंधिया ट्रस्ट को सूचना भेजने की तैयारी में जुट गया है। ध्यान देने वाली बात है कि माधवराव सिंधिया के निधन को करीब 25 साल बीत चुके हैं, फिर भी रिकॉर्ड में उनका नाम बकायेदार के रूप में दर्ज है।
जैसे ही यह मामला सामने आया, राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेताओं ने नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आम जनता से सख्ती से टैक्स वसूला जाता है, लेकिन प्रभावशाली परिवारों की संपत्तियों पर कार्रवाई में ढिलाई क्यों बरती जाती है। कांग्रेस ने इसे भेदभावपूर्ण रवैया करार दिया है।
वहीं, ग्वालियर नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि बकायेदारों की सूची नियमों के अनुसार जारी की गई है। सभी मामलों में दस्तावेजों की जांच की जा रही है और रिकॉर्ड सही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम की इस सूची में सिर्फ निजी संपत्तियां ही नहीं, बल्कि कई बड़े सरकारी संस्थान और दफ्तर भी शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन सरकारी कार्यालयों पर कुल करीब 300 करोड़ रुपये का संपत्ति कर बकाया है। लंबे समय से टैक्स जमा न होने से निगम की आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

