आर्यन खान ड्रग केस के जांच अधिकारी रहे समीर वानखेड़े को गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा। अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई करने का अधिकार उसके पास नहीं है। हालांकि, समीर वानखेड़े को यह अनुमति दी गई कि वह उचित अदालत में पुनः याचिका दायर कर सकते हैं।
कोर्ट ने दो अहम सवालों पर किया विचार:
क्या यह मामला दिल्ली में सुनवाई योग्य है?
क्या सीरीज में समीर वानखेड़े का चित्रण प्रथम दृष्टया उनके लिए कानूनी रूप से नुकसानदेह है?
समीर वानखेड़े की वकील जे. साई दीपक ने दावा किया था कि मामला दिल्ली में सुनवाई योग्य है क्योंकि उनके विभागीय मामले दिल्ली में लंबित हैं और उनके खिलाफ खबरें प्रकाशित करने वाले मीडिया संस्थान जैसे हिंदुस्तान टाइम्स और इंडियन एक्सप्रेस भी दिल्ली में हैं। दीपक ने यह भी कहा कि सीरीज के निर्माता वानखेड़े से नाराज होकर उसे निशाना बना रहे हैं।
2 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग
इस याचिका में समीर वानखेड़े ने 2 करोड़ रुपए का मुआवजा भी मांगा था। उन्होंने कहा कि यह राशि वे टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में कैंसर मरीजों के इलाज के लिए दान करना चाहते हैं।
विवाद का कारण
सीरीज के पहले एपिसोड में दिखाया गया है कि बॉलीवुड सेलेब्स की एक पार्टी के बाहर एक अधिकारी ड्रग इस्तेमाल कर रहे लड़के को गिरफ्तार करता है। इस किरदार को देखकर दर्शकों ने इसे समीर वानखेड़े से जोड़ा, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी दोनों की तुलना हुई। इस फैसले के साथ ही समीर वानखेड़े को फिलहाल दिल्ली में इस मामले में कोई राहत नहीं मिली है।

