साइबर फ्रॉड पर लगाम लगाने हर थाने में बनेगी 'साइबर डेस्क'

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इंदौर,रविकांत वर्मा। शहर में लगातार बढ़ रही साइबर फ्रॉड की घटनाओं को रोकने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह द्वारा लगातार नए-नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब कमिश्नरेट के सभी थानों को स्मार्ट और साइबर फ्रेंडली बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। पुलिसकर्मियों को विशेष साइबर ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसका शुभारंभ पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने बुधवार को पलासिया स्थित अपने कार्यालय के सभागार में किया।
इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में कुल 75 पुलिसकर्मी शामिल हुए, जिन्हें पूरे दिन 6 अलग-अलग सेगमेंट में प्रशिक्षण दिया गया। ट्रेनिंग में विभागीय अधिकारियों के अलावा बाहर से आमंत्रित साइबर एक्सपर्ट्स ने भी हिस्सा लिया और साइबर अपराधों की पहचान, जांच तथा त्वरित कार्रवाई के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी।
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने इस नवाचार के तहत नए साल से हर थाने में एक समर्पित साइबर डेस्क स्थापित करने की घोषणा की है। इस डेस्क पर कोई भी व्यक्ति साइबर क्राइम की शिकायत लेकर आएगा, तो उसकी तुरंत सुनवाई की जाएगी और आवश्यकता अनुसार एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही, पीड़ित की राशि को ब्लॉक करने के लिए तत्काल 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन या 30 सीआरपी पोर्टल पर संपर्क कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, आने वाले दिनों में इंदौर शहर के सभी थानों में यह साइबर डेस्क पूर्ण रूप से चालू कर दी जाएगी। थाना स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने की प्रक्रिया आज से ही शुरू कर दी गई है, ताकि साइबर अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
यह पहल शहरवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी, क्योंकि साइबर फ्रॉड के मामलों में समय पर कार्रवाई से धनराशि की रिकवरी की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और तुरंत नजदीकी थाने या हेल्पलाइन पर सूचना दें।
