छतरपुर(संजय अवस्थी)। निर्वाणा फाउण्डेशन में साढ़े तीन साल बाद एक भावुक पुनर्मिलन देखने को मिला। बिहार की रहने वाली सविता सिन्हा, जो डिप्रेशन और तनाव के कारण घर छोड़कर भटक गई थीं, शुक्रवार को अपनी मां और भाई से मिलकर भावुक हो गईं। मां से लिपटकर उन्होंने खुशी के आंसू बहाए।
संजय सिंह, निर्वाणा फाउण्डेशन ने बताया कि लगभग साढ़े तीन साल पहले सविता सिन्हा सीतामणी, बिहार की रहने वाली हैं। डिप्रेशन के कारण वे घर से निकल आईं और दमोह स्टेशन पहुंच गईं। वहां पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू किया और निर्वाणा फाउण्डेशन भेज दिया। शुरू के एक साल उन्होंने काफी तंग किया, लेकिन धीरे-धीरे फाउंडेशन की सेवा, देखभाल और दवाइयों से उनकी हालत में सुधार आने लगा।

लगभग तीन साल बाद जब उनकी स्थिति काफी बेहतर हुई तब उन्होंने अपने परिवार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अपनी मां का मोबाइल नंबर बताया, जिस पर संपर्क किया गया। इसके बाद दिल्ली में रहने वाले उनके भाई संतोष कुमार अपनी मां निर्मला देवी को साथ लेकर शुक्रवार को छतरपुर के निर्वाणा फाउण्डेशन पहुंचे।
साढ़े तीन साल बाद मां और भाई को देखते ही सविता भावुक हो गईं। उन्होंने मां से लिपटकर खुशी के आंसू बहाए। सविता की मां निर्मला देवी ने कहा, मेरी बच्ची मिल गई, मैं आज बहुत खुश हूं। सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। भाई संतोष कुमार ने बताया कि यहां के लोगों ने उनकी बहन का बहुत अच्छा ख्याल रखा। उन्होंने फाउंडेशन के सभी सदस्यों का आभार जताया।

