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मध्य प्रदेशछिंदवाड़ासुरों की ताल पर सड़क सुरक्षा का पाठ: छिंदवाड़ा में गूंजे ASI मर्सकोले के 'जागरूकता गीत'

सुरों की ताल पर सड़क सुरक्षा का पाठ: छिंदवाड़ा में गूंजे ASI मर्सकोले के 'जागरूकता गीत'

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19 फ़रवरी 2026, 08:19 am IST
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छिंदवाड़ा, जीशान खान। शहर की सड़कों पर जब अक्सर हॉर्न का शोर और ट्रैफिक का तनाव रहता है, ऐसे में छिंदवाड़ा यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने नियमों का पाठ पढ़ाने के लिए 'सुरों' का सहारा लिया है। यातायात थाने में पदस्थ ASI अशोक कुमार मर्सकोले अपने इस अनोखे और मधुर अंदाज के कारण पूरे जिले में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने बीच सड़क पर ड्यूटी के दौरान गीत गाकर वाहन चालकों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की एक नई और संवेदनशील पहल की है।


ट्रैफिक सिग्नल पर जैसे ही बत्ती लाल होती और वाहन रुकते, ASI मर्सकोले माइक थामकर गीत के माध्यम से चालकों से सीधा संवाद करते नजर आए। उन्होंने बेहद मधुर आवाज में लोगों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा, "अगर आपको अपना जीवन प्यारा है तो हाथ उठाकर वादा करो कि आज से टू-व्हीलर चलाते समय हेलमेट का उपयोग जरूर करेंगे।" उनके इस गीत में न तो पुलिस का डर था और न ही चालान की धमकी, बल्कि एक अभिभावक की चिंता झलक रही थी। उन्होंने जेब्रा क्रॉसिंग का पालन करने और सड़क सुरक्षा को जीवन की प्राथमिकता बनाने का संदेश संगीत की लहरों पर सवार होकर आमजन तक पहुँचाया।


मौके पर ही भक्तों ने लिया सुरक्षा का संकल्प

ASI मर्सकोले के इस रचनात्मक प्रयास का असर भी तुरंत देखने को मिला। उनके गीतों से प्रभावित होकर वहां मौजूद दर्जनों वाहन चालकों और राहगीरों ने स्वतः ही अपने हाथ उठाकर यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया। उन्होंने लोगों को समझाते हुए कहा कि "आज मैंने आपको छोड़ दिया, लेकिन कल से हेलमेट जरूर लगाना... क्योंकि जीवन है तो सब कुछ है।" उनके इस संदेश ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि हेलमेट पुलिस से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद की जिंदगी बचाने के लिए जरूरी है।


सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की एक संवेदनशील कोशिश

यातायात पुलिस की इस रचनात्मक पहल की पूरे शहर में सराहना हो रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नियमों को लागू करना नहीं, बल्कि नागरिकों के भीतर जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों के बीच ASI मर्सकोले का यह 'संगीत अभियान' लोगों को यह याद दिलाने का काम कर रहा है कि घर पर कोई उनका इंतजार कर रहा है। छिंदवाड़ा वासियों का कहना है कि अगर हर अधिकारी इसी तरह जनता से जुड़कर संदेश दे, तो अनुशासन और सुरक्षा के प्रति लोगों का नजरिया बदल सकता है।

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