अशोकनगर। MP में रेल सुविधाओं के विस्तार का इंतजार कर रहे अशोकनगर और कोलारस के यात्रियों के लिए दिल्ली से एक बड़ी खुशखबरी आई है, जिसने जिले के रेल मानचित्र पर नई लकीर खींच दी है। क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों के बाद रेल मंत्रालय ने दो प्रमुख ट्रेनों के ठहराव (स्टॉपेज) को हरी झंडी दे दी है। हालांकि, इस बड़ी सौगात के पीछे एक ऐसा कड़वा सच भी छिपा है, जिसने दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है।


दानापुर एक्सप्रेस से प्रयागराज का सफर अब घर के पास


अशोकनगर जिले के हजारों श्रद्धालुओं को अब प्रयागराज जाने के लिए बीना या झांसी की दौड़ नहीं लगानी होगी। ट्रेन नंबर 19801/19802 सोगरिया-दानापुर एक्सप्रेस अब अशोकनगर स्टेशन पर भी रुकेगी। अब तक यह ट्रेन गुना के बाद सीधे सागर रुकती थी, जिससे जिले के यात्री इसके लाभ से वंचित थे। सिंधिया ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। हालांकि, यह स्टॉपेज अभी 'प्रायोगिक' तौर पर शुरू किया गया है और इसकी तारीख का ऐलान होना बाकी है।


के​न्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- "अशोकनगर और कोलारस की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी है। मेरे पत्र पर त्वरित संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने सोगरिया–दानापुर एक्सप्रेस और उज्जैनी एक्सप्रेस के ठहराव को स्वीकृति दी है। अब क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।"


सफेद झूठ या हकीकत: पुराने रूट पर नहीं लौटेगी उज्जैनी?


एक तरफ जहाँ स्टॉपेज की खुशी है, वहीं दूसरी तरफ जिले के लोगों में एक बड़ा असमंजस भी पैदा हो गया है। उज्जैन से देहरादून जाने वाली 'उज्जयिनी एक्सप्रेस' पहले गुना-बीना होकर चलती थी, जिससे दिल्ली की सीधी कनेक्टिविटी थी। कोरोना काल के बाद इसका रूट बदलकर शिवपुरी-ग्वालियर कर दिया गया। अब कोलारस में इस ट्रेन के स्टॉपेज की मंजूरी मिलने से यह लगभग तय माना जा रहा है कि यह ट्रेन अब अपने पुराने रूट (अशोकनगर होकर) पर वापस नहीं लौटेगी। इससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।