मड़ियादौ,राजकुमार पाठक। अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण मंच के वार्षिक सम्मान समारोह में दमोह जिले की हटा विधानसभा अंतर्गत नरगी गांव के निवासी राजधर अठया को हिंदी साहित्य जगत के 'हिंदी गौरव सम्मान' द्वारा सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है जो हिंदी भाषा में ज्ञान-विज्ञान की मौलिक पुस्तकों का लेखन या हिंदी भाषा में स्वरचित उत्कृष्ट कविताएं लेखन इत्यादि में रुचि रखते हैं। राजधर अठया हिंदी साहित्य जगत में, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं उनके द्वारा लिखीं गई स्वरचित हिंदी भाषी कविताएं जैसे 'देश का आधार हिंदी', 'शिव-शक्ति', 'आया बसंत', प्यारी-प्यारी गौरैया इत्यादि समय-समय पर पुस्तकों और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। उनके इन्हीं उत्कृष्ट लेखन कौशल के लिए दुबई से संचालित अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण मंच द्वारा हिन्दी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। राजधर अठया ने बताया कि वह हटा विधानसभा अंतर्गत मड़ियादौ क्षेत्र के नरगी गांव के निवासी हैं, पिता का नाम श्री हजारी प्रसाद अठया है। वर्तमान में वह हटा के श्री राघवेन्द्र सिंह हजारी शासकीय महाविद्यालय में अध्ययनरत हैं। उन्होंने 17 वर्ष की आयु से कविताएं लिखना शुरू किया था अभी उनकी आयु 21 वर्ष है। सबसे पहली उनकी रचना महिला सशक्तीकरण पर आधारित थी जो उस समय समाचारपत्र में निकली थी जिसके बाद से वह लगातार कविताएं लेखन में सक्रिय रहे हैं और क‌ई बार कार्यक्रमों में स्वरचित काव्यपाठ भी कर चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण में वह मध्यप्रदेश शाखा सचिव भी हैं। उनका कहना है कि यह सम्मानपत्र सिर्फ एक प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हिंदी भाषा के प्रति उनके समर्पण, मेहनत और प्रयासों का परिणाम है। हम सदैव ही अपनी राष्ट्रभाषा के लिए संकल्पित और समर्पित रहे हैं और इसी तरह आगे भी प्रयासरत रहेंगे।