एमपीपीएससी के सामने धरना बना सिरदर्द, लाउडस्पीकर की तेज आवाज पर पुलिस ने केस दर्ज किया

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इंदौर, रविकांत वर्मा — मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के इंदौर स्थित दफ्तर के सामने पिछले दिनों चला धरना प्रदर्शन अब प्रदर्शनकारियों के लिए मुश्किल खड़ी कर गया है। धरने के दौरान लाउडस्पीकर से होने वाले शोर के कारण ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है।
प्रदर्शनकारियों को प्रशासन की ओर से पहले ही सख्त निर्देश दिए गए थे कि लाउडस्पीकर का इस्तेमाल सीमित रखें और ध्वनि स्तर निर्धारित डेसिबल सीमा के अंदर ही रहे। लेकिन 27 जनवरी तक चले इस धरने में कई बार इन नियमों की अनदेखी की गई। शिकायतें मिलने के बाद जांच में पाया गया कि माइक की आवाज तय मानकों से काफी अधिक थी, जिससे आसपास के इलाके में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति पैदा हो गई।
धरना समाप्त होने के बाद जब ज्ञापन सौंपा जा रहा था, तब भी ध्वनि स्तर अधिक पाया गया। इस आधार पर संयोगितागंज पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। केस में राधे जाट, रंजीत समेत कुल चार व्यक्ति नामजद आरोपी हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ध्वनि प्रदूषण (नियंत्रण और विनियमन) नियम, 2000 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान निर्धारित शर्तों का पालन अनिवार्य है। इसका उल्लंघन गंभीर माना जाता है। मामले की आगे की जांच जारी है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
