इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी कांड को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस घटना में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 459 पीड़ितों का अस्पताल में उपचार किया गया है। इस मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार सरकार पर हमला बोल रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी 17 जनवरी को इंदौर दौरे पर आ चुके हैं।
हरिद्वार यात्रा को लेकर विवाद
शुक्रवार को कांग्रेस सेवादल के नेता मुकेश यादव ने करीब 25 पीड़ित परिवारों के लिए हरिद्वार यात्रा का आयोजन किया। इसमें शामिल लोगों को कलश दिए गए और बताया गया कि इनमें मृतकों की अस्थियां हैं, जिन्हें विसर्जित करने के लिए प्रयागराज ले जाया जा रहा है।
यात्रा शुरू होने से पहले भागीरथपुरा चौकी के पास पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे और जिलाध्यक्ष ग्रामीण विपिन वानखेड़े सहित कई नेता मौजूद रहे।
पीड़ित परिवारों ने कहा – कलश में अस्थियां नहीं
जब मृतकों के परिजनों से पूछा गया कि कलश में क्या है, तो कई लोगों ने कहा कि इसमें अस्थियां नहीं बल्कि पूजन सामग्री और चांदी के फूल हैं। मृतक की परिजन सोनाली कदम ने कहा कि अस्थियां पहले ही विसर्जित कर दी गई थीं। इसी तरह सतीश परमार, जिनकी पत्नी की इस घटना में मौत हुई थी, ने बताया कि उनकी पत्नी की अस्थियां पहले ही उज्जैन में विसर्जित की जा चुकी हैं।
कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप
इस पूरे मामले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस के पूर्व पार्षद दिलीप सौरागी ने कहा कि कलश में अस्थियां ही हैं और भाजपा गलत बातें फैला रही है। वहीं कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर भी हमला बोला। जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि दूषित पानी कांड में हुई मौतों की जिम्मेदारी अब तक किसी ने नहीं ली है और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
इधर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि नगर निगम में बड़े स्तर पर घोटाले के आरोप हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में किसी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह पूरा मामला अब दूषित पानी कांड के साथ-साथ राजनीतिक विवाद का भी रूप लेता जा रहा है।

