सतना, अंबिका केशरी। महिला आरक्षण बिल को लेकर देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने बिल का समर्थन करते हुए इसे परिसीमन से जोड़ने के सरकारी फैसले का कड़ा विरोध जताया है। सोमवार को जयस्तंभ चौक स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव आरती सिंह ने यह बात कही।


परिसीमन से जोड़ने पर आपत्ति

कांग्रेस का आरोप है कि सरकार आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर लागू करने की शर्त के जरिए इसे टालने की कोशिश कर रही है। पार्टी की मांग है कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों पर ही तुरंत 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किया जाए।


सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

प्रेसवार्ता में कहा गया कि परिसीमन के बहाने सीटों की काट-छांट कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा गया कि उनके संबोधनों में कांग्रेस का जिक्र तो होता है, लेकिन महिलाओं के असल मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जाता।


अपनी उपलब्धियां गिनाईं

कांग्रेस ने कहा कि देश को पहली महिला राष्ट्रपति, पहली महिला प्रधानमंत्री, पहली महिला लोकसभा अध्यक्ष और पहली महिला मुख्यमंत्री देने का श्रेय पार्टी को जाता है, ऐसे में उसे महिला विरोधी कहना गलत है।


आंदोलन की चेतावनी

पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने में देरी की गई या परिसीमन के जरिए बिल को प्रभावित करने की कोशिश हुई, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा कर असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहा है।