दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वरधुवां ग्राम पंचायत में 5 सितंबर को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता का एक बैनर इन दिनों स्थानीय राजनीतिक गलियारों में भारी चर्चा और अटकलों का मुख्य केंद्र बन गया है। भाजपा से जुड़े स्थानीय आयोजकों द्वारा इस भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसके प्रचार-प्रसार के लिए इलाके में बड़े-बड़े होर्डिंग्स और बैनर लगाए गए हैं।


पोस्टर में किन बड़े नेताओं को मिली जगह और कौन हुआ नदारद?

सामने आए इस बैनर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री और अन्य राष्ट्रीय व प्रादेशिक बड़े नेताओं की तस्वीरें तो प्रमुखता से स्थान दिया गया है, साथ ही दतिया विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और विशुन सिंह यादव जैसे स्थानीय नेताओं को भी हाइलाइट किया गया है। लेकिन इन सबके बीच दतिया जिले के सबसे कद्दावर नेता, भाजपा के दिग्गज और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की तस्वीर और उनका नाम पूरी तरह से नदारद है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में इस बात को लेकर भारी हैरानी जताई जा रही है कि जिस क्षेत्र में डॉ. मिश्रा का राजनीतिक प्रभाव सबसे मजबूत माना जाता है, उसी क्षेत्र के एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के पोस्टर से उनका गायब हो जाना कोई सामान्य घटना नहीं है।


कार्यकर्ताओं में कानाफूसी और बढ़ रही राजनीतिक हलचल

अपने ही दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के बैनर से पार्टी के सबसे प्रभावशाली और वरिष्ठ नेता की तस्वीर का नदारद होना राजनीतिक जानकारों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच गहरी चिंता और चर्चा का विषय बन गया है। दतिया की राजनीति में डॉ. नरोत्तम मिश्रा का रसूख और कद सर्वविदित है, ऐसे में उन्हीं के गृह क्षेत्र के एक गांव में लगे पोस्टर से उनका नाम-निशान न होना कई बड़े और गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।


चूक या सोची-समझी रणनीति? क्या कह रहे हैं राजनीतिक जानकार

राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर तरह-तरह के कयास और अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या यह किसी अनजाने मानवीय या प्रिंटिंग की चूक का नतीजा है, या फिर इसके पीछे स्थानीय स्तर पर चल रही किसी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति और आंतरिक गुटबाजी का हाथ है। फिलहाल, आयोजकों की तरफ से इस मामले पर कोई भी आधिकारिक सफाई या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, लेकिन इस बैनर विवाद ने दतिया की स्थानीय राजनीति में एक बार फिर भारी गर्माहट ला दी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।