छतरपुर। बुंदेलखंड के छतरपुर जिले में जलसंकट से निपटने और वर्षा जल के संरक्षण के लिए लोक निर्माण विभाग ने पहल करते हुए पिछले एक वर्ष में ग्रामीण क्षेत्रों में 19 लोक कल्याण सरोवर तैयार किए हैं। इन सरोवरों का उद्देश्य बारिश के पानी को स्थानीय स्तर पर रोककर जरूरत के समय उसका उपयोग करना है। संग्रहित पानी से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के साथ गर्मियों में गोवंश के लिए भी पेयजल की सुविधा मिल सकेगी।
छतरपुर ब्लॉक के छतरपुर-सिटी मार्ग स्थित ग्राम पड़रिया में भी एक लोक कल्याण सरोवर का निर्माण कराया गया है। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री आशीष भारती के अनुसार, इस सरोवर की गहराई करीब 3 फीट और क्षेत्रफल 1664 वर्ग मीटर है। इसका निर्माण भोपाल की त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया गया है। बारिश के पानी को रोकने के लिए सरोवर में पत्थरों से बंधान भी बनाया गया है।
विभाग के अनुसार जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 19 सरोवर तैयार किए जा चुके हैं। इनका निर्माण मुख्य रूप से ऐसे क्षेत्रों में किया गया है, जहां गर्मियों में पानी की समस्या अधिक रहती है। सरकार की योजना के तहत प्रत्येक जिले में हर वर्ष कम से कम 10 तालाब तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। छतरपुर में विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक काम करते हुए एक वर्ष में 19 सरोवर तैयार किए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सरोवरों के निर्माण से बारिश के पानी को बहकर बर्बाद होने से रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही भूजल स्तर को बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ाने में भी इनका योगदान हो सकता है। अब इन सरोवरों की वास्तविक उपयोगिता गर्मियों में सामने आएगी, जब सिंचाई, पशुओं और ग्रामीणों के लिए पानी की मांग बढ़ जाती है।




