देवास। मध्यप्रदेश के देवास स्थित औद्योगिक क्षेत्र में शनिवार शाम को लगी भीषण आग ने अब एक बड़ी चुनौती का रूप ले लिया है। इंदौर रोड पर स्थित औद्योगिक क्षेत्र क्रमांक 1 की श्रीनिवास पेपर एंड बोर्ड फैक्ट्री में शनिवार शाम करीब 4 बजे लगी यह आग 21 घंटे बीत जाने के बाद भी पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी है। हालात इतने चिंताजनक हैं कि दमकल की टीमें लगातार मशक्कत कर रही हैं, लेकिन कागज के बंडलों में अंदर ही अंदर सुलग रही आग बार-बार भड़क उठ रही है। इस हादसे ने न केवल औद्योगिक गतिविधियों को ठप कर दिया है, बल्कि पूरे इलाके में प्रदूषण और घने धुएं के कारण लोगों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।
यह फैक्ट्री पुराने कागज और गत्ते को रिसाइकल कर पेपर रोल और बॉक्स बनाने का काम करती है। बताया जा रहा है कि आग फैक्ट्री के पिछले हिस्से से शुरू हुई थी और देखते ही देखते इसने वहां रखे कंप्रेस्ड पेपर बंडलों को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 100 मीटर के दायरे में फैली इस आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे बुझाने के लिए अब तक 100 से ज्यादा टैंकर पानी का इस्तेमाल किया जा चुका है, फिर भी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है।
राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मौके पर दमकल की करीब 16 गाड़ियां तैनात हैं, जिन्हें सहायता देने के लिए सोनकच्छ, टोंकखुर्द, आष्टा, सीहोर, उज्जैन और इंदौर जैसे पड़ोसी जिलों से भी दमकल वाहन बुलाए गए हैं। फायर कर्मियों के मुताबिक, सबसे बड़ी समस्या यह है कि पानी डालने पर ऊपर से आग बुझ जाती है, लेकिन कागज के बंडलों के भीतर छिपी गर्मी उसे दोबारा सक्रिय कर देती है। आग को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने पोकलेन, जेसीबी और लोडर जैसी भारी मशीनों का सहारा लिया है, जिनकी मदद से जमीन की खुदाई कर प्रभावित हिस्से को अलग किया गया और कच्चे माल को सुरक्षित स्थानों पर हटाया गया।
इस अग्निकांड का असर सिर्फ एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर पड़ा है। फैक्ट्री से निकल रहे घने धुएं और राख के कारण पास की पाइप कटिंग इंडस्ट्री सहित कई अन्य उद्योगों में काम बंद करना पड़ा है और कर्मचारियों को छुट्टी दे दी गई है। घटनास्थल पर एसडीएम अभिषेक शर्मा, तहसीलदार सपना शर्मा और सीएसपी सुमित अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि आग को पूरी तरह शांत होने में अभी और समय लग सकता है। हालांकि अब तक किसी जनहानि की खबर नहीं है, लेकिन इस हादसे में करोड़ों रुपये के माल का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।



