गुनौर ,जीतेन्द्र रजक। कहते हैं कि मेहनत और संघर्ष के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है। पन्ना जिले की एक बेटी ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच पढ़ाई कर गुन्नौर तहसील के हिनौती गांव की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।


पन्ना, जो अपनी हीरों की खदानों के लिए प्रसिद्ध है, अब एक और अनमोल “हीरा” पूरे प्रदेश के सामने लेकर आया है। हिनौती गांव की रहने वाली प्रतिभा सिंह सोलंकी ने माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्यप्रदेश की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 499 अंक हासिल कर इतिहास रच दिया है। लेकिन प्रतिभा की यह सफलता सिर्फ अंकों की कहानी नहीं है, बल्कि संघर्ष, त्याग और अटूट मेहनत की मिसाल है। एक साधारण परिवार में जन्मी प्रतिभा के पिता भारतेंद्र सिंह सोलंकी गांव में रोजगार सहायक के पद पर कार्यरत हैं। सीमित आय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी।


प्रतिभा ने भी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। गांव के माहौल, सीमित सुविधाओं और कई बार बिजली-पानी जैसी समस्याओं के बीच भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। देर रात तक पढ़ना, नियमित अनुशासन और आत्मविश्वास—यही उनकी सफलता का मंत्र रहा। परिणाम घोषित होते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। हिनौती गांव में जश्न का माहौल है और प्रतिभा के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

पिता
“यह उसकी वर्षों की मेहनत और लगन का नतीजा है। हमने बस उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, असली मेहनत उसी की है।”

प्रतिभा
“मैंने हमेशा अपना लक्ष्य स्पष्ट रखा। कठिनाइयां आईं, लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मैं सभी छात्रों से कहना चाहती हूं कि अगर लक्ष्य तय हो और पूरी मेहनत की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है।”


प्रतिभा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे पन्ना जिले को गौरवान्वित किया है। यह कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।