भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश एनएसयूआई के नेतृत्व में 30 मई 2026 को मुख्यमंत्री निवास घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आंदोलन प्रदेश में लगातार सामने आ रहे नीट (NEET) पेपर लीक मामलों, छात्रसंघ चुनावों की बहाली तथा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के विभाजन के विरोध में किया जा रहा है।

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने कहा कि प्रदेश में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने में विफल रही है। एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतंत्र की पहली पाठशाला हैं और युवाओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान करते हैं। ऐसे में छात्रसंघ चुनावों पर रोक लगाना युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास है, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही एनएसयूआई ने आरजीपीवी के विभाजन और नाम परिवर्तन के प्रस्तावित निर्णय का भी विरोध जताया है।

एनएसयूआई के अनुसार आंदोलन में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिनोद झाकड़ मुख्य रूप से शामिल होंगे और छात्रों एवं युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। यह घेराव कार्यक्रम 30 मई को शाम 4 बजे भोपाल स्थित पीसीसी कार्यालय से प्रारंभ होगा, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में छात्र और युवा कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।

संगठन ने प्रदेश के छात्रों और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर शिक्षा, रोजगार और छात्र अधिकारों की लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है।