भोपाल| मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां प्रदेश के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ जिलों में झमाझम बारिश ने दस्तक दी है। शुक्रवार सुबह ग्वालियर में रुक-रुक कर और मुरैना जिले में तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से फौरी राहत मिली है। इससे पहले गुरुवार को दमोह समेत कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश हुई थी। हालांकि, तपिश का दौर अब भी जारी है और गुरुवार को प्रदेश के 10 शहरों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।


खजुराहो में रिकॉर्ड तोड़ तपिश, 46.5 डिग्री पहुंचा पारा

मौसम विभाग के अनुसार, 25 मई से शुरू हुए नौतपा के बाद से ही बुंदेलखंड का इलाका सबसे ज्यादा तप रहा है। बीते 18 मई से ही खजुराहो और नौगांव प्रदेश के सबसे गर्म क्षेत्र बने हुए हैं। गुरुवार को भी खजुराहो 46.5 डिग्री अधिकतम तापमान के साथ पूरे मध्य प्रदेश में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया।


महानगरों का हाल: ग्वालियर में पारा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, उज्जैन में 42.5 डिग्री और इंदौर में 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आज 6 जिलों में 'ऑरेंज' और भोपाल-जबलपुर समेत 27 में 'येलो' अलर्ट मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी कई जिलों में तीव्र हीटवेव की चेतावनी जारी की है।


ऑरेंज अलर्ट: ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों के लिए लू का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। यहाँ शुक्रवार को भी भीषण तपन रहेगी।

येलो अलर्ट: भोपाल और जबलपुर समेत प्रदेश के 27 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में दिन का तापमान 43 डिग्री के ऊपर ही बने रहने की आशंका है।


कल से मिलेगी राहत, 30 मई से 1 जून तक हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, शनिवार से प्रदेशवासियों को लू के थपेड़ों से बड़ी राहत मिलने वाली है। "आगामी तीन दिन (30-31 मई और 1 जून) तक प्रदेश में एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसके प्रभाव से अधिकांश जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश होगी और कुछ स्थानों पर ओले गिरने का भी अनुमान है। इस दौरान इंदौर और नर्मदापुरम संभाग को छोड़कर कहीं भी हीटवेव का अलर्ट नहीं रहेगा।"

- मौसम केंद्र, भोपाल


भोपाल का इतिहास: नौतपा में हर साल बरसते हैं बादल

राजधानी भोपाल के मौसम का रिकॉर्ड देखें तो यहाँ नौतपा में बारिश होना एक सामान्य प्रक्रिया रही है। पिछले 14 वर्षों के इतिहास में 7 बार नौतपा के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई है। इस वर्ष भी नौतपा की शुरुआत में ही शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो चुकी है। भोपाल में सबसे ज्यादा तपिश वाले साल 2018 और 2019 रहे थे, जब औसत तापमान 43 डिग्री के पार चला गया था।