सतना,अंबिका केशरी। जिले के मझगवां विकासखंड के चित्रकूट क्षेत्र स्थित सुरांगी गांव से कुपोषण की दर्दनाक तस्वीर सामने आई है, जहां चार माह की जुड़वा बहन प्रांसी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसका भाई नैतिक गंभीर हालत में रीवा रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे लंबे समय से बीमार थे और परिजन गांव के झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवा रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल लाया गया, जहां जांच में दोनों को गंभीर कुपोषण (सैम श्रेणी) का शिकार पाया गया। इलाज के दौरान प्रांसी ने दम तोड़ दिया, जबकि नैतिक की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि बच्चों को मां का दूध नहीं मिल रहा था और उन्हें बकरी व गाय का दूध दिया जा रहा था, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ गई। घटना ने आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को उजागर किया है, वहीं मीडिया के सवालों से बचने के लिए अफसर फोन रिसीव नहीं कर रहे हैं। क्षेत्र में पहले भी कुपोषण से मौत के मामले सामने आ चुके हैं, बावजूद इसके हालात में सुधार नहीं होना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।